शनिवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे यमुनोत्री पहुंची केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने 12 बजे तक चतुर्दशी की पूजा की। दूसरे दिन सुबह साढ़े आठ बजे से 11 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना कर यमुना के उद्गम स्थल पर
दीप दान किए।
उन्होंने मां यमुना से मन्नौती मांगी कि अगर उनका गंगा-यमुना की स्वच्छता व अविरलता का मिशन निर्विवाद के साथ संपन्न होता है, तो वह 2018 में पुन: यमुनोत्री धाम आएंगी। केंद्रीय मंत्री ने यमुनोत्री धाम के विकास के लिए अपनी ओर से 11 लाख रुपये देने की बात कही।
उन्होंने यमुनोत्री में सीवरेज से यमुना में होती गंदगी पर चिंता व्यक्त की और सीवर लाइन बिछाए जाने का भरोसा दिया। उन्होंने माना कि जिस तरह से पर्यावरण को लेकर एनजीटी का कार्य सराहनीय है, वहीं कुछ दिक्कतें भी आ रही है।
इस मौके पर मंदिर समिति के पवन प्रकाश उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, सुभाष उनियाल, आशीष उनियाल, प्रदीप उनियाल, खिलानंद, ज्योति प्रसाद, रणवीर राणा, संदीप राणा आदि मौजूद थे। दीपावली पर वह आईटीबीपी मातली पहुंची और जवानों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद मणिकर्णिकाघाट पर पहुंचकर गंगा आरती की। इस मौके पर पूर्व विधायक गोपाल रावत, विजय संतरी, हरीश सेमवाल, हरीश डंगवाल आदि मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री ने किए केदारनाथ के दर्शन
रुद्रप्रयाग। केंद्रीय मंत्री उमा भारती, भैयादूज पर एक नवंबर को केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर मौजूद रहेंगी। वे सोमवार को धाम पहुंच गई। इस दौरान उन्होंने बाबा केदार की पूजा-अर्चना कर दर्शन किए। केंद्रीय मंत्री गंगोत्री से सड़क मार्ग से गुप्तकाशी पहुंची। यहां से दोपहर बाद वे हेलीकाप्टर से केदारनाथ गई और बाबा दश्रन किए।
इसके बाद उन्होंने डीएम डा. राघव लंगर से यात्रा की जानकारी ली। इस मौके पर एसपी पीएन मीणा सहित कई मौजूद थे। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती को बाबा के दर्शन कर रात्रि विश्राम के लिए गुप्तकाशी लौटना था, लेकिन हेलीकाप्टर में बैठने की तैयारी के दौरान ही उन्होंने केदारनाथ में ही रुकने की इच्छा जताई और रुक गई।