सामूहिक दुष्कर्म मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने देर शाम आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आरोपी पर पुलिस ने ढाई हजार रुपये का इनाम भी रखा था।
बता दें कि तीन मार्च को नगर में एक फार्मेसी की छात्रा के साथ चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसमें से तीन आरोपियों को पुलिस ने अगले दिन गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन चौथा आरोपी कोटियाल गांव निवासी मनीष अवस्थी घटना के अगले दिन से फरार चल रहा था।
पुलिस ने इस बीच उसकी तलाश उत्तरकाशी से लेकर देहरादून और हरिद्वार में उसके संभावित ठिकानों पर की, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। बाद में पता चला कि आरोपी नेपाल भाग गया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के घर की कुर्की के लिए भी कोर्ट में आवेदन किया था, जबकि उसके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी लिया था। इस बीच जब आरोपी उत्तरकाशी लौटा तो बृहस्पतिवार को वह रामलीला मैदान पर फुटबॉल मैच देखने पहुंचा, जहां से पुलिस ने उसे मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मोबाइल बेचकर निकाला नेपाल जाने का खर्चा
सामूहिक दुष्कर्म का चौथा आरोपी मनीष अवस्थी 12 दिनों तक पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा, लेकिन पुलिस ने जब उसके घर की कुर्की के लिए दबाव बनाया तो पुलिस का यह दांव कामयाब रहा।
पोर्टर का काम करने वाले मनीष को उत्तराखंड के सभी स्थानों और बार्डर एरिया का अच्छी तरह से पता था। इसलिए घटना के बाद पुलिस ने जैसे ही अन्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो उसको भनक लग गई और वह फरार हो गया। उत्तरकाशी से वह पहले देहरादून पहुंचा और वहां से हरिद्वार। आगे उसने नेपाल जाने की योजना बनाई, लेकिन जब उसके पास किराए के लिए पैसे नहीं थे तो उसने हरिद्वार में अपना मोबाइल फोन बेच दिया। इसके बाद वह नेपाल चला गया, लेकिन जब उसे घर की याद आई तो उसने नेपाल के नंबरों से अपने परिजनों को फोन किया।
इधर, आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसके घर की कुर्की करने का दबाव बना दिया था। ऐसे में परिजनों ने भी उसे घर लौटने की सलाह दी, जबकि नेपाल में उसके पास पैसे भी खत्म हो गए थे। इसलिए थक हारकर वह घर लौटा, लेकिन फिर भी वह पुलिस के पास नहीं पहुंचा। बृहस्पतिवार को जब वह रामलीला मैदान में फुटबाल मैच देेखने पहुंचा, तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।