पाला मनेरी डैम कालोनी में चार वर्षों से शरणार्थियों जैसी स्थिति में रह रहे भटवाड़ी के आपदा प्रभावित पेयजल योजना के स्रोत पर टैंक तथा इंटेक चैंबर बहने से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। जनवरी में भटवाड़ी आए मुख्यमंत्री के सामने आपदा प्रभावितों की पेयजल को लेकर की गई शिकायत का भी असर नहीं होने से इस बार भी उन्हें बरसात में गदेरे का गंदा पानी पीना पड़ेगा।
वर्ष 2012 की आपदा में मनेरी डैम प्रशासन के रख रखाव वाली कालोनी की पेयजल योजना का स्रोत बह गया था। डैम का निर्माण बंद होने से बिरान पड़ी कालोनी में सरकार ने किसी तरह आपदा प्रभावितों को सिर छिपाने का सहारा, तो दिया लेकिन सरकार और डैम प्रबंधन ने पेयजल योजना पर पैसा खर्च करने से हाथ पीछे खींच लिए।
प्रभावितों ने यहां ड्रम लगा कर किसी तरह नवला गदेरे से बिना फिल्टर का पानी कालोनी तक पहुंचाया, लेकिन हल्की बारिश में ही ड्रम बहने से पानी बंद हो जाता है। लाइन ठीक करने के लिए कालोनी वासियों को रोज नवला गदेरे के चक्कर काटने पड़ते हैं। हर्ष लाल, विक्रम लाल, मनमोहन, हरिप्रसाद, अब्दुल खालिक आदि का कहना है कि पानी ही नहीं क्षतिग्रस्त पगडंडी तक ठीक नहीं की गई है।
डैम कालोनी की पेयजल योजना की मरम्मत को उनके पास कोई प्रस्ताव नहीं आया। अगले वित्तीय वर्ष में प्रस्ताव आया तो मरम्मत कराके कालोनी वासियों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा सकती है।
वीरेंद्र दत्त रतूड़ी, बीडीओ, भटवाड़ी।