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Uttarkashi:  विल्सन के 100 साल पुराने लोकगीत को नरेंद्र सिंह नेगी ने दी आवाज, प्रेम कहानी से जुड़ा है गाना

Mon, 23 Sep 2024 10:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी

सार

लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी की आवाज लोगों के दिलों में बसी है। और एक बार उनका गीत  सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।  
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लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी - फोटो : सोशल मीडिया हैंडल
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विस्तार
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लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने हर्षिल के राजा के नाम से मशहूर फ्रेडरिक विल्सन के बेटों और दो गढ़वाली लड़कियों की प्रेम कहानी पर एक पुराने लोकगीत को अपनी आवाज दी है। यह गीत करीब 100 साल पुराना बताया जा रहा है। लोकगीत को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।

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बता दें कि ब्रिटिश शिकारी और सेना से भागे फ्रेडरिक विल्सन 1840 में हर्षिल आए थे। उन्हें यह जगह इतनी पसंद आई थी कि वे यहीं बस गए। उन्होंने यहां दो स्थानीय लड़कियों से शादी की थी, जिनसे उन्हें तीन बेटे हेनरी, नाथू और चार्ल्स विल्सन हुए। इतिहास में फ्रेडरिक विल्सन और उनके तीन बेटों के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।

विल्सन को प्रसिद्ध लेखक रस्किन बाॅन्ड की कई लघु कथाओं में जगह मिली है। उनकी एक कहानी विल्सन के भूत पर भी है। धराली और हर्षिल के चरवाहे कभी कभार एक लोकगीत सुनाया करते थे। नाथू विल्सन और रूढ़ा-गोदावरी शीर्षक वाला ये गीत लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को अपने एक मित्र राजू गुसाईं से मिला, जिसे उन्होंने गाने का फैसला किया।
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वन विभाग ने एक बंगले को नाम दिया फ्रेडरिक विल्सन
हर्षिल के ही माधवेंद्र सिंह रावत और बालम दास ने इसके पूरे बोल लिखने में मदद की। हर्षिल में फ्रेडरिक विल्सन का एक लकड़ी का बंगला हुआ करता था, जो अग्निकांड में जल गया था। इसके स्थान पर वन विभाग ने एक बंगला तैयार कर उसे फ्रेडरिक विल्सन का नाम दिया है। फ्रेडरिक विल्सन अपने जमाने के एक प्रसिद्ध वन ठेकेदार थे, जो कि हर्षिल से स्लीपर काटकर से उसे नदियों के सहारे निचले क्षेत्रों तक भेजा करते थे। अपने जीवनकाल में ही उन्होंने अपने तीनों बेटों का विवाह किया।

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1883 में फ्रेडरिक विल्सन की मृत्यु हो गई थी, उन्हें मसूरी के कैमल्स बैक रोड कब्रिस्तान में दफनाया गया। फ्रेडरिक के तीनों बेटे अपने पिता की विरासत को आगे नहीं बढ़ा सके और समय के साथ फ्रेडरिक विल्सन की यादें धुंधली होती चली गई, लेकिन लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के इस लोकगीत से फ्रेडरिक विल्सन की पुरानी याद फिर ताजा हो गई है।
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