चिन्यालीसौड़ में नगुण बैरियर के पास इस तरह धंसा गंगोत्री हाईवे का हिस्सा।
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नगुण बैरियर के पास गंगोत्री हाईवे का पांच मीटर हिस्सा धंस गया है। इससे चारधाम सड़क परियोजना में काम करने वाली निर्माण एजेंसी के कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि बीआरओ के अधिकारी सड़क के धंसाव के लिए टिहरी बांध की झील को कारण बता रहे हैं।
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट चारधाम सड़क परियोजना (ऑलवेदर रोड) के तहत चिन्यालीसौड़ में गंगोत्री हाईवे का चौड़ीकरण हुआ है लेकिन कुछ दिन पूर्व ही नगुण बैरियर के पास गंगोत्री हाईवे का करीब पांच मीटर हिस्सा धंस गया। इसके बाद सड़क पर दरारें उभर आई हैं। यहां सुरक्षा की दृष्टि से सड़क पर पत्थर लगाकर धंसाव की जगह को चिह्नित कर दिया गया है लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही के लिए खतरा बना हुआ है। सड़क के धंसाव से निर्माण एजेंसी पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने कम समय में ही सड़क पर धंसाव जैसी समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
इधर, बीआरओ के एई सिविल इंचार्ज सेक्टर बीके देवड़ी का कहना है कि सड़क झील के प्रभाव के कारण धंसी है। पांच साल तक सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी ओशीस कंपनी की है। कंपनी के ठेकेदार को दीवार निर्माण के लिए निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही क्षतिग्रस्त सड़क के हिस्से का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
गंगोत्री हाईवे कई स्थानों पर है अत्यधिक संकरा
गंगोत्री हाईवे का उत्तरकाशी से गंगोत्री तक चौड़ीकरण नहीं हुआ है। कई स्थानों पर हाईवे अत्यधिक संकरा होने के कारण संवेदनशील बना हुआ है। वहीं बीआरओ का कहना है कि जल्द ही हाई चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। ईको सेंसटिव जोन घोषित होने के कारण उत्तरकाशी से गंगोत्री तक हाईवे चौड़ीकरण का काम लटक गया था लेकिन इसी वर्ष चीन सीमा पर सड़कों के चौड़ीकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने पर गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण की प्रक्रिया फिर शुरू हुई थी। उत्तरकाशी से गंगोत्री तक अब हाईवे को 10 मीटर ब्लैक टॉप किया जाना है। सर्वे प्रक्रिया जारी है। अभी हाईवे कई स्थानों पर अत्यधिक संकरा है। इससे यात्रा काल के दौरान अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। उत्तरकाशी से गंगोत्री तक 10 नए पुल भी बनाए जाने हैं। इनमें 6 बड़े व 4 छोटे पुल शामिल हैं। बीआरओ के मेजर बीनू वीएस ने बताया कि संभावना है कि अगले वर्ष मार्च से गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण के लिए कटिंग का काम शुरू हो जाएगा।
लीसा डिपो के पास धंसाव की चपेट में हाईवे
चिन्यालीसौड़ लीसा डिपो के पास वर्ष 2020 से गंगोत्री हाईवे धंसाव की चपेट में है। यहां टिहरी झील के कारण हाईवे का करीब 20 से 25 मीटर हिस्सा धंसाव की चपेट में है। हालांकि टीएचडीसी ने यहां सड़क सुरक्षात्मक कार्य किए हैं लेकिन अब भी हाईवे पर लंबी दरार है। इससे वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है।