यमुनाघाटी के कुपड़ा गांव में हुई अतिवृष्टि से खतरे की जद में आये आवासीय भवन।
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बुधवार को जिले के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। करीब पांच घंटे हुई बारिश से गंगा एवं यमुना नदी उफान पर है।
जिले के उत्तरों गांव के पास चरीका नाला में आए उफान से पानी और मलबा खेतों में घुस गया। कुथनौर एवं कुपड़ा गांव के गदेरे में उफान आने से तटवर्ती मकानों को खतरा पैदा हो गया है। जिला पंचायत सदस्य कुसुमबाला ने बताया कि कुपड़ा गांव के पास डब्बू लाल की रसोई क्षतिग्रस्त हो गई। कुथनौर के भगवती प्रसाद नौटियाल ने बताया कि कस्बे में कई भवन नाले से हुए कटाव की जद में आ गए हैं।
इधर जिला मुख्यालय पर कालेश्वर मंदिर मार्ग वाली बस्ती में पानी जा घुस गया है। ज्ञानसू क्षेत्र में भी गंगोत्री हाईवे पर जलभराव होने से आवाजाही प्रभावित हुई। मानसून सीजन से पूर्व प्रशासन ने नालियों की सफाई कराने के निर्देेश जारी किए थे।
पुलिस ने टापू पर फंसे युवक निकाले सुरक्षित
नौगांव। अतिवृष्टि से यमुना नदी में उफान आने पर दो युवक और दो खच्चर मुलाणा के पास नदी के बीच टापू में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने भारी मशक्कत कर टापू पर फंसे मंजियाली गांव निवासी प्रीतम एवं ऋतिक तथा दो खच्चरों को सुरक्षित बाहर निकाला।