बरसात में ओर बढ़ जाती है दिक्कत, दुर्घटना की बनी रहती है आशंका
पुरोला। फिताड़ी–कासला मोटर मार्ग की बदहाली ने ग्रामीणों के सफर को मुश्किल और जोखिम भरा बना दिया है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और उखड़ी सतह वाहन चालकों की परीक्षा ले रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि राहगीरों को हर कदम संभलकर चलना पड़ रहा है। बरसात में सड़क की दुर्दशा और बढ़ जाती है जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
सड़क की बदहाली का असर केवल वाहनों की आवाजाही तक सीमित नहीं है बल्कि स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लंबे समय से सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षित आवागमन के लिए सड़क की मरम्मत अब टालने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए। कासला के ग्राम प्रधान मूर्ति सिंह राणा और लिवाड़ी के प्रधान प्रतिनिधि प्रमोद रावत ने सड़क की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए जल्द मरम्मत और सुधारीकरण कार्य शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जर्जर मार्ग के कारण पूरे क्षेत्र के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
वहीं, वेप्कॉस के अधिशासी अभियंता आशीष चौधरी ने बताया कि पूर्व में कार्य आवंटित ठेकेदार काम बीच में छोड़कर चला गया था। अब दोबारा री-टेंडरिंग की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि अधिक क्षतिग्रस्त हिस्सों में तत्काल राहत देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के माध्यम से जेसीबी लगाकर मार्ग दुरुस्त कराया जा रहा है। फिलहाल ग्रामीणों को अस्थायी राहत के बजाय सड़क के गुणवत्तापूर्ण और स्थायी सुधारीकरण का इंतजार है।