जिले में बीते एक हफ्ते से बारिश नहीं होने और सूरज की तपिश बढ़ने के कारण सूखे के हालात पैदा हो गए हैं, जिससे एक बार फिर जिले के जंगल जलने लगे हैं। जिला मुख्यालय पर वरुणावत और मांडों गांव के पास जंगल में लगी आग से वन संपदा राख हो रही है।
बड़कोट में तो लीसा डिपो और मास्टर क्रू स्टेशन के पास जंगल में लगी आग वन विभाग के अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल रही है। रविवार की रात को वरुणावत पहाड़ी का जंगल जलता रहा। जंगल की आग इंदिरा कालोनी के पास तक पहुंचने से यहां लोगों में दहशत फैल गई।
हालांकि वन कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से बस्ती के पास तक आते-आते आग पर काबू पा लिया था। लेकिन ऊंचाई पर पहुंच से दूर वाले हिस्से के जंगल पूरी रात जलते रहे। सोमवार को मांडों गांव के पास वाले जंगल में भी आग भड़की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया।
उधर अपर यमुना वन प्रभाग के अंतर्गत सरूखेत स्थित लीसा डिपो और मास्टर क्रू स्टेशन के पास वाला जंगल करीब छह घंटे तक जलता रहा। इसके अलावा भाटिया गांव के पास तथा कुथनौर के जंगल भी दावानल की चपेट में हैं। यहां रेंजर किशोरी लाल शाह के नेतृत्व में वन कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए हैं।