एसआईटी जांच पूरी होने के बाद शासन से मिली थी अभियोजन की अनुमति
कूटरचना, अभिलेखों में हेराफेरी, सरकारी धन के दुरुपयोग व षड़यत्र का है आरोप
पुरोला। नगर पंचायत पुरोला के तत्कालीन कार्यकाल में निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। एसआईटी जांच पूरी होने के बाद शासन से अभियोजन की अनुमति मिली थी। इसके बाद शनिवार को थाना पुरोला में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार, तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल में सभासदों ने निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेजों में कथित कूटरचना, अभिलेखों में हेराफेरी, सरकारी धन के दुरुपयोग और षड़यंत्र के आरोप लगाए थे। सभासदों ने मामले की एसआईटी जांच की मांग की थी। जांच के बाद एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी।
शासन से अभियोजन की अनुमति मिलने के बाद थाना पुरोला पुलिस ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी शिवकुमार सिंह चौहान समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। थानाध्यक्ष दीपक कठैत ने बताया कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट और शासन की अनुमति के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपितों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, अभिलेखों में कूटरचना, दस्तावेजों में हेराफेरी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग, साक्ष्य मिटाने और व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने समेत विभिन्न आरोप लगाए गए हैं।