नाराज ग्रामीणों ने जल्द समस्या हल नहीं होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
पुरोला। तलड़ा तोक में कमल नदी पर स्थायी पुल की मांग को लेकर शनिवार को ग्रामीण नदी में ही धरने पर बैठ गए। वर्ष 2022-23 की आपदा में आरसीसी पुलिया बहने के तीन साल बाद भी स्थायी पुल का निर्माण शुरू नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुए धरने पर विभागीय अधिकारियों के समझाने के बाद भी ग्रामीण डटे रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया बहने के बाद तलड़ा समेत आसपास के गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित है। लंबे समय से स्थायी पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक निर्माण को लेकर धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि रविवार तक पुल निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो तलड़ा, थली, बिणदेरा, मल्ला और सुनारा छानी के ग्रामीण सड़क पर धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।
धरने का नेतृत्व कर रहे प्रकाश कुमार ने कहा कि ग्रामीण पिछले तीन वर्षों से पुल निर्माण की मांग उठा रहे हैं लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अब ग्रामीण आर-पार के आंदोलन के लिए मजबूर हैं। इधर, धरना स्थल पर पहुंचे लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शुभम सिंह ने ग्रामीणों को बताया कि तलड़ा पुल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेज दी गई है। शासन से स्वीकृति और बजट मिलते ही पुल निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
धरना देने वालों में सुमन राणा, अनिल रावत, सुनील रावत, जनक नेगी, दिनेश कुमार, ऋतिक चमोली, नवीन चमोली, हरेंद्र सिंह राणा, सुरेंद्र राणा, विपिन रावत, मानवेंद्र राणा और विजय कुमार शामिल रहे।