तीन-चार वर्षों से बीमा के लिए किसान हो रहे हैं परेशान
उत्तरकाशी। सांकरी क्षेत्र के काश्तकारों ने गत तीन-चार वर्षों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मोरी विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्र सांकरी में सेब की फसल के साथ ही अन्य नकदी फसलों को सबसे अधिक उत्पादन होता है लेकिन बीमा कंपनियों की ओर से क्षेत्र से सटे मोरी और पुरोला में काश्तकारों को पांच से छह गुना अतिरिक्त बीमा का लाभ दिया गया है।
क्षेत्र के किसानों ने राजपाल रावत, प्रहलाद पंवार, बलबीर राणा, ज्ञान सिंह, सूरज रावत, प्रदीप रावत, गोपिचंद रावत ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लंबे समय से उचित बीमा राशि न मिलने को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार तीन-चार वर्षों से क्षेत्र के किसानों को फसल क्षति बीमा का उचित लाभ नहीं मिल रहा है जबकि सांकरी क्षेत्र जिले का सर्वाधिक सेब उत्पादन वाला इलाका है।
उनका कहना है कि ओलावृष्टि एवं विपरीत मौसम के कारण हर वर्ष 70 से 80 प्रतिशत तक सेब की फसल नष्ट हो जाती है लेकिन बीमा कंपनियां किसानों के दावों का सही आकलन नहीं करती। ग्रामीणों ने बताया कि सांकरी क्षेत्र से जुड़े कई गांवों में तीन गुना क्षेत्रफल की रिपोर्ट तैयार की गई जबकि वास्तविक रूप से कृषि योग्य भूमि इससे कम है। बीमा कंपनियों की टीमें मौके पर जांच करती है तो वे वास्तविक स्थिति के अनुसार रिपोर्ट तैयार नहीं करतीं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई न की गई तो क्षेत्र के किसान सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।