बड़कोट। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर सात के लिए स्वीकृत पेयजल योजना का काम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के चारमाह बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल सहित स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल, यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव नगर पालिका बड़कोट में पेयजल किल्लत को लेकर डेढ़ माह तक आंदोलन चला। इस दौरान आनन-फानन में नगर पालिका क्षेत्र के नलकूप पेयजल योजना के अलावा वार्ड नंबर 7 के लिए एक अन्य योजना के टेंडर प्रक्रिया शुरू कर आंदोलन को खत्म करने का प्रयास किया गया। हालांकि यमुना नदी तट तिलाड़ी से नलकूप पेयजल योजना पर काम शुरू हो गया।
योजना के लाखों की लागत के पाइप जगह-जगह धूल फांक रहे हैं। स्थानीय प्रताप सिंह धनाई, शांति बैलवाल, शैलेंद्र, भगवती, संजय आदि ने लंबे समय से अधर में लटकी हुई पेयजल योजना पर जल्द कार्य शुरू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शीतकाल में अपर्याप्त व पानी की अनियमित आपूर्ति हो रही है। बावजूद इसके पेयजल योजना पर काम शुरू करने में जल संस्थान हीलाहवाली बरत रहा है। इधर, जल संस्थान के ईई विनोद पांडेय का कहना है कि उक्त योजना की पत्रावली वन विभाग के पास वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया स्वीकृति के लिए जा रखी है।
टेंडर प्रक्रिया होने के बाद काम शुरू होना चाहिए। जल संस्थान को अपनी कार्यशैली में जनहित में बदलाव लाने की हिदायत दी है। लेटलतीफी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-संजय डोभाल, विधायक, यमुनोत्री विस क्षेत्र।