चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को लेकर आने वाले वाहन चालकों को कई बार रात्रि विश्राम की सुविधा नहीं मिल पाती है। होटल में कमरे नहीं मिलने पर वे वाहन में ही रात गुजारते हैं। ऐसे में बिना रात्रि विश्राम के जब चालक वाहन चलाते हैं तो दुर्घटना का खतरा रहता है।
चारधाम यात्रा में वाहन चालकों को पार्किंग में ही रात्रि विश्राम की सुविधा मिलेगी। इसके लिए चार जगह वाहन पार्किंग में चालकों के रात्रि विश्राम के लिए कैनवास टेंट लगाए जाएंगे जिसमें चालकों को अस्थाई स्नानघर और शौचालय की भी सुविधा भी मिलेगी।
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दरअसल, चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को लेकर आने वाले वाहन चालकों को कई बार रात्रि विश्राम की सुविधा नहीं मिल पाती है। होटल में कमरे नहीं मिलने पर वे वाहन में ही रात गुजारते हैं। ऐसे में बिना रात्रि विश्राम के जब चालक वाहन चलाते हैं तो दुर्घटना का खतरा रहता है। इस समस्या को देखते हुए पहली बार सरकार ने चारधाम वाले जनपदों में वाहन चालकों के रात्रि विश्राम के लिए अलग से इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी) जितेंद्र कुमार ने बताया कि गंगोत्री धाम के पड़ाव जोशियाड़ा, गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम के पड़ाव बड़कोट व जानकीचट्टी में वाहन चालकों के रात्रि विश्राम के लिए कैनवास टैंट लगाए जाएंगे जिसमें वाहन चालकों को रात्रि विश्राम के साथ स्नानघर और शौचालय की सुविधा भी मिलेगी। जानकीचट्टी और बड़कोट में स्थाई शौचालय उपलब्ध होने पर अस्थाई नहीं बनाए जाएंगे।एआरटीओ ने बताया कि वाहन पार्किंगों में प्रस्तावित रात्रि विश्राम की व्यवस्था निशुल्क रहेगी। केवल बिस्तर निर्धारित शुल्क देकर लेना होगा। हालांकि यह शुल्क रियायती रहेगा।
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कहां कितने वाहनों की पार्किंग क्षमता व चालक रुक सकेंगे
जगह वाहन क्षमता टैंट चालक क्षमता
जोशियाड़ा 100 4 40
गंगोत्री 50 2 20
बड़कोट 100 4 40
जानकीचट्टी 60 3 30
चारधाम वाले जनपदों में वाहन चालकों के लिए रात्रि विश्राम के लिए पहली बार इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके साथ होटल मालिकों को भी वाहन चालकों के रुकने के लिए एक कमरा अलग से रखने के निर्देश दिए गए हैं।