लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की और से पराविधिक कार्यकर्ताओं व पैनल अधिवक्ताओं की टीमें गठित की गई हैं, जो पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता प्रदान कर संबंधित मामलों का निस्तारण कर सकें।
वन स्टॉप सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार विगत 22 मार्च से वर्तमान समय तक जिले में घरेलू हिंसा के कुल आठ मामले दर्ज हुए हैं, जो इससे पहले के महीनों के मुकाबले अधिक हैं। वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पमीता पैन्यूली थपलियाल ने बताया कि कई परिवारों में महिला व पुरुष के बीच विभिन्न कारणों से आपसी मतभेद होते रहते हैं। उधर, घरेलू हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पराविधिक कार्यकर्ताओं व पैनल अधिवक्ताओं की टीमें गठित की हैं।