संगठन के विस्तारीकरण पर हुआ मंथन, आरक्षण की मांग दोहराई
पुरोला। रवांई घाटी के चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों की रविवार को पुरोला तहसील सभागार में बैठक हुई। आंदोलनकारियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। साथ ही संगठन के विस्तारीकरण पर भी मंथन हुआ।
बैठक में आंदोलनकारियों ने समान पेंशन की व्यवस्था, राज्य के अतिथि गृहों में आरक्षण की मांग दोहराई। 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले में सरकार की ओर से न्यायालय में ठोस पैरवी की मांग की गई। सत्यापन प्रक्रिया के सरलीकरण, आंदोलनकारी चिह्नीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्वास्थ्य बीमा एवं गोल्डन कार्ड जैसी सुविधाएं प्रदान किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
इसके साथ ही रवांई घाटी के पुरोला, नौगांव एवं मोरी विकासखंडों में संयुक्त संगठन के विस्तार और खंड स्तरीय कार्यकारिणी को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। राज्य आंदोलनकारी पुरोला संगठन अध्यक्ष राजपाल पंवार, बड़कोट से अतोल सिंह रावत, पृथ्वी राज, अम्मी चंद शाह, विपिन चौहान ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड साकार नहीं हो पाया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
बैठक में जयेंद्र सिंह राणा, बासुदेव डिमरी, प्रकाश चौहान, सुभाष बडोनी, प्रमोद सिंह, गणेश चंद रमोला, जय सिंह रावत, कौशल किशोर बिजल्वाण, चन्द्री पोखरियाल, शिमला देवी, कमली देवी, तीला देवी, शीशपाल सिंह, मोहन सिंह, भगवती प्रसाद आदि उपस्थित रहे।