यमुनाघाटी के गीठ और ठकराल पट्टी के कई गांवों में खाद्यान्न संकट गहरा गया है। यहां गोदाम में गेहूं नहीं पहुंचने पर रिटेलरों ने राशन उठाने से साफ इंकार कर दिया। इन हालातों में बर्फबारी से कैद इन गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बड़कोट खाद्यान्न भंडार के गीठ और ठकराल पट्टी के करीब 24 गांव बर्फबारी के लिहाज से संवेदनशील हैं, इन गांवों में दिसंबर-फरवरी तक के एडवांस राशन का कोटा भेजा जाता है लेकिन इस बार गांवों तक जनवरी का राशन नहीं पहुंचा है। लोगों को खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि ग्रामीणों को दिसंबर के राशन के नाम पर अभी तक मात्र चावल ही मिल पाया। अब जबकि मौसम के करवट लेने से ये गांव बर्फबारी से कैद हो गए हैं तो ग्रामीणों के सामने खाद्यान्न की विकट समस्या आ खड़ी हो गई है। ग्रामीण जगत सिंह रावत, लोकेंद्र, चैन सिंह मनवीर सिंह, सरदार सिंह आदि का कहना है कि क्षेत्र में अभी तक जनवरी का राशन नहीं पहुंच पाया है।
खाद्यान्न विभाग के पूर्ति निरीक्षक पीडी सौंदाण का कहना है कि गोदाम में गेहूं उपलब्ध नहीं होने से रिटेलर खाद्यान्न नहीं उठा रहे हैं। चावल पर्याप्त हैं, गेहूं आने पर जल्द प्रभावित गांवों में राशन पहुंचा दिया जाएगा। इधर, जिला पूर्ति अधिकारी आईडी नौटियाल ने बताया कि गेहूं जल्द ही गोदाम में पहुंच जाएगा।