लोनिवि की वेबसाइट बंद होने से ठेकेदारों का भुगतान लटक गया है। भुगतान लटकने से विभाग में पंजीकृत 400 ठेकेदारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। ठेकेदार संघ का कहना है कि उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों पर लाखों खर्च किए हैं।
अक्तूबर में शासन ने विभाग की सरकारी वेबसाइट बंद कर दी थी, जिससे ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो पाए। भुगतान नहीं होने से परेशान कई ठेकेदारों ने अपने निर्माण कार्य आधे-अधूरे छोड़कर बंद कर दिए हैं। ठेकेदारों का कहना है कि उनके पास लेबर को देने के लिए पैसा नहीं है और ना ही बगैर भुगतान के जेसीबी चलाने के लिए डीजल मिल पा रहा है।
पंजीकृत ठेकेदार संघ ने बैठक आयोजित कर राज्यपाल को भी पत्र भेजा है। संघ के अध्यक्ष दयाचंद रमोला ने बताया कि अक्तूबर में लोनिवि की वेबसाइट को शासन ने बंद कर दिया था, जो आज तक नहीं खुल पाई है। इससे ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
बैठक में मोहन प्रसाद सिलवाल, दीवान सिंह असवाल, जगमोहन चंद, विशालमणी डिमरी, अर्जुन रावत, विनोद डोभाल आदि मौजूद थे। ईई लोनिवि बीडी भट्ट का कहना है कि विभाग के पास करीब एक करोड़ के भुगतान रुके हैं। अक्तूबर में शासन ने विभाग की वेबसाइट बंद कर दी थी, तब से ठेकेदारों को हम भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। साइट कब तक खुलेगी इसकी अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है।