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भस्म होली में लोकगीतों पर जमकर थिरके श्रद्धालु

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उत्तरकाशी में भस्म होली पर श्रद्धालुओं पर भस्म की बौछार करते महंत अजय पुरी। - फोटो : UTTER KASHI
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में छोटी होली पर भस्म होली का आयोजन किया गया। इस अवसर भजन मंडली ने भोले की महिमा से सजे होली के गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
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रविवार को मंदिर प्रागंण में आयोजित भस्म होली की शुरूआत भजन मंडली की प्रस्तुति से हुई। मंडली में शामिल महिलाओं ने ‘मोदक लड्डू के थाल भरे हैं, अजब होली खेलें हमारे भोले बाबा...’ भजन की प्रस्तुति दी। माधव भट्ट व कन्हैया सेमवाल ने गीतों की श्रृंखला को आगे बढ़ाया। उन्होंने ‘ऐजा ए बसंतिया होई खेलोला होई होई’ एवं ‘होरि ए गे पर्वतो मा, बसंत ऋतु मा, मटु मटु जोलु मैं होली खेलण, साथ रंग लिजोलु, अबीर लिजोलु राधा कन्हैया खे लला होली...’ आदि गीतों पर श्रद्धालु जमकर थिरके। महंत अजय पुरी ने श्रद्धालुओं पर हवन कुंड की भस्म की बौछार की। इस मौके पर रिटायर्ड मेजर आरएस जमनाल, मोहन डबराल, संजय पंवार, रमेश चौहान, कृष्णानंद बिजल्वाण, राकेश, प्रांशु डंगवाल मौजूद रहे।
अल्पाइन पब्लिक स्कूल में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली मनाई। संवेदना समूह के कलाकारों ने नगर में होली गीतों के साथ शोभा यात्रा निकाली। हनुमान चौक पर होलिका दहन कर प्रसाद वितरित किया गया।
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