आशा कार्यकर्ताओं ने 21 हजार मानदेय करने सहित अन्य मांगों लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान डीएम को ज्ञापन सौंपकर कर शीघ्र उनकी मांगों के निराकरण की मांग उठाई। साथ ही जल्द समस्या हल नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन में भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़ और डुंडा ब्लाक की आशाएं शामिल हुई।
आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन के आह्वान पर आशाएं अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर हैं। सोमवार को रामलीला मंच पर धरना देने के बाद जुलूस की शक्ल में आशाएं नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंची। संगठन की जिलाध्यक्ष सरिता जोशी ने कहा कि वह लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवा दे रही हैं, बावजूद इसके सरकार उन्हें कुछ नहीं दे रही हैं। पुष्पा चौहान ने कहा कि शिशु मृत्यु दर को घटाने के लिए आशाओं को रखा गया था। अब कई तरह के काम आशाओं के कराए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में सरिता ठाकुर, रेखा नौटियाल, अनिता नेगी, सरस्वती रावत, कविता, जमुना, संजू सेमवाल, प्रमिला, रेशमा, मंजू नेगी, रमा, सुमन नौटियाल, रंजीता डोगरा, भागेश्वरी, सुनिता नेगी, वृंदा भट्ट, रचना जयाड़ा, यशोदा बिष्ट, सुलोचना राणा, संगीता आदि शामिल रही। उधर, बड़कोट में आशाओं ने एसडीएम चतर सिंह चौहान के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा।
श्रीनगर। सोमवार को सीएचसी कीर्तिनगर में आशा संगठन की अध्यक्ष लक्ष्मी जोशी की अध्यक्षता में आशाओं की बैठक आयोजित की गई। आशाओं ने कहा कि वह 16 वर्षों से गांव में अपनी सेवाएं दे रही हैं। आशाओं ने कहा कि जब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा और 21 हजार वेतन दिए जाने सहित 12 सूत्री मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती वे कार्यबहिष्कार के साथ ही तहसील मुख्यालय पर धरने पर डटी रहेंगी। इस मौके पर ममता देवी, विजय लक्ष्मी, सरस्वती, मंजू, बिना, देवेश्वरी, मीनाक्षी, रोशनी, रिंकी, सुषमा, शकुंतला, रेखा, दीपा व मीना मौजूद थीं।