गंगनानी वाले हिस्से में बुधवार देर रात अवरुद्ध हुए गंगोत्री हाईवे पर बृहस्पतिवार देर शाम तक भी यातायात बहाल नहीं हो पाया। हालांकि सड़क अवरुद्ध होने से पहले गंगोत्री की ओर फंसे सभी वाहन एवं यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। यमुनोत्री हाईवे भी सिलाई बैंड के पास अवरुद्ध हुआ। यहां सुबह करीब दस बजे यातायात बहाल कर लिया गया। जिले की 14 आंतरिक सड़कें अब भी भूस्खलन से अवरुद्ध हैं।
गंगोत्री हाईवे के लिए नासूर बने गंगनानी भूस्खलन में यातायात बहाल करना बीआरओ के लिए चुनौती बनता जा रहा है। 28 जुलाई की रात को भारी भूस्खलन सक्रिय होने के बाद से अभी तक यातायात सुचारु नहीं हो पाया है। हालांकि बीच में कुछ घंटों के लिए यहां मलबे के ऊपर ही वाहनों की आवाजाही लायक सड़क तैयार कर जोखिम के साथ गंगोत्री की ओर फंसे सभी यात्री वाहन इस ओर निकाले जा चुके हैं।
बुधवार को सारे वाहन निकलने के बाद रात करीब 11 बजे यहां पुन: भारी मलबा आने से हाईवे अवरुद्ध हो गया। बृहस्पतिवार को बीआरओ के मजदूर एवं भारी मशीनें यहां यातायात बहाली के प्रयास में लगी रहीं। देर शाम तक भी यहां यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
उधर, यमुनोत्री हाईवे बुधवार की रात सिलाई बैंड के पास हुए भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया। बृहस्पतिवार तड़के राजमार्ग खंड ने यहां मशीनें लगाकर मलबा साफ कराया। सुबह करीब दस बजे यहां यातायात सुचारु हो गया था। बीते दिनों हुई बारिश में भूस्खलन सक्रिय होने से जिले की 14 आंतरिक सड़कें अभी अवरुद्ध हैं। इनमें तिलाड़ी शहीद मोटर मार्ग, गंगोरी-गजोली, राजगढ़ी-सरनौल और खरादी-नगाणगांव मोटर मार्ग को छोड़ शेष सड़कों पर एक-दो दिन के भीतर यातायात बहाल होने की उम्मीद है।