डांग से पोखरी गांव के लिए डांग गांव की महिलाओं ने श्रमदान कर सड़क बनाई। शुक्रवार को महिलाओं से तैयार की गई सड़क पर वाहन भी पहुंचाया। अब महिलाओं ने प्रशासन से सड़क को आरटीओ से पास कराने के साथ ही तकनीकी प्रक्रिया की औपचारिकता पूरी करने की मांग की है।
डांग से पोखरी सड़क निर्माण का मसला लंबे समय से डांग व पोखरी गांव के बीच विवाद का कारण बना है। विभाग ने एनआईएम बैंड से पोखरी गांव के लिए 800 मीटर सड़क निर्माण का एलाइनमेंट करवाया है, लेकिन डांग के ग्रामीणों ने वहां से सड़क निर्माण का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क बनने से उनके वर्षों से पनपाया गया जंगल नष्ट हो रहा है। ऐसे में ग्रामीणों ने विभाग की सड़क निर्माण की कवायद शुरू करने के बाद भी इसका विरोध जारी रखा।
ग्रामीणों ने इसके बदले डांग से जिला पंचायत व खच्चरों के रास्ते से सड़क खोदकर पोखरी गांव के लिए वाहनों की आवाजाही लायक सड़क तैयार की है। हालांकि प्रशासन व पोखरी गांव के ग्रामीण सड़क को तकनीकी रूप से स्वीकार करने को तैयार नहीं। शुक्रवार को ग्रामीणों ने बनाई गई सड़क पर वाहन भी पहुंचाया।
इससे ग्रामीण गदगद नजर आए। इस मौके पर प्रधान रजनी नाथ, उप प्रधान अनीता गुर्साइं, ममंद अध्यक्ष कुसुम गुसाईं, संगीता नाथ, सरपंच वन पंचायत सुलोचना कलूड़ा, अभिषेक जगूड़ी, गजेंद्र नाथ, देवेंद्र, आनंद बिष्ट, चतर सिंह आदि मौजूद थे। इधर, डीएम डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क वाहन लायक है या नहीं यह आरटीओ विभाग तय करेगा।