सरकारी विभाग एवं निगमों में कार्मिकों की ठेका व्यवस्था मजदूरों पर भारी पड़ रही है। ऊर्जा निगम में ग्रामीण विकास तकनीकी संस्था के माध्यम से ठेके पर तैनात श्रमिकों को महज 50 फीसदी मेहनताना दिया जा रहा है।
बार-बार शिकायत के बावजूद संस्था को काम सौंपे जाने के मामले में संस्था की उच्चाधिकारियों से मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सालों से उत्पीड़न झेल रहे श्रमिकों ने अब 11 जनवरी से बेमियादी हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
ऊर्जा निगम में कर्मचारियों की सीधी भर्ती के बजाय ठेके पर कार्मिक तैनात कर उनसे बिजली लाइनमैन का काम लिया जा रहा है। सेल्फ हेल्प ग्रुप नाम से जिले में साठ लाइनमैन तैनात हैं।
इनके अध्यक्ष आशीष नयन बहुगुणा, सचिव राजेंद्र कैंतुरा आदि ने बताया कि निगम से एक कर्मचारी के नाम पर 10 हजार 700 रुपये प्रतिमाह का भुगतान होता है, लेकिन ठेका लेने वाली ग्रामीण विकास तकनीकी संस्था इसमें तमाम कटौतियां दिखाकर उन्हें महज पांच हजार 500 रुपये दे रही है।
विरोध जताने पर ठेकेदार काम से हटाने की चेतावनी देता है। उत्पीड़न से तंग आ चुके लाइनमैनों ने अब आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है।
शनिवार को उन्होंने ऊर्जा निगम के ईई को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दस जनवरी तक कार्रवाई नहीं होने पर 11 जनवरी से बेमियादी हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
कोट...
लाइनमैनों की नियुक्ति ठेके पर की गई है और 10 हजार 700 रुपये प्रतिमाह प्रति श्रमिक की दर से भुगतान ठेकेदार को किया जाता है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर ठेकेदार को नोटिस जारी कर कटौती का विवरण मांगा गया है। श्रमिकों को यदि आपत्ति है, तो वे लेबर कोर्ट में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रशांत पंत, ईई, ऊर्जा निगम उत्तरकाशी।