विश्राम स्थल पर भी ढाबों का कब्जा
बड़कोट। यमुनोत्री धाम में यात्रा सीजन समाप्ति की ओर है लेकिन घोड़ा पड़ाव में मजदूरों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अब भी जस की तस है। मजदूरों के आवागमन के लिए बनाई गई सीढ़ी लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। जर्जर सीढ़ी से आवाजाही करना जोखिम भरा बना है। मजदूरों का कहना है कि शिकायत के बावजूद यात्रा सीजन के दौरान इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
कहा कि पूर्व में इसी सीढ़ी पर एक मजदूर का पैर फंसने से वह चोटिल हो चुका है। इसके बावजूद सीढ़ी की मरम्मत नहीं हुई। घोड़ा पड़ाव में कार्यरत मजदूरों को विश्राम स्थल तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन इसी सीढ़ी का इस्तेमाल करना पड़ता है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष समेत चारधाम यात्रा प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
इसी तरह मजदूरों के लिए बनाए गए विश्राम हॉल में ढाबों का संचालन होने का आरोप है। इसके चलते मजदूरों को धूप और बारिश में बाहर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि यात्रा के दौरान दिन-रात काम करने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं जबकि सुविधाओं के एवज में जिला पंचायत को टैक्स भी दिया जाता है।
स्थानीय लोगों ने जर्जर सीढ़ी की तत्काल मरम्मत कराने और विश्राम हॉल को मजदूरों के उपयोग के लिए खाली कराने की मांग की है। जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी भावना रावत ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। इसे गंभीरता से दिखवाया जाएगा।