मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने शनिवार को आईटीबीपी की पोस्ट कोपांग और सेना की हर्षिल छावनी पहुंचकर हिमवीरों और सैनिकों के साथ दीपावली मनाई। उन्होंने हर साल सीमांत क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों का कैंप कराने की बात कही। सीएम ने धराली में सेब किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और निस्तारण का भरोसा दिलाया।
शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत विशेष सलाहकार डॉ. केएस पंवार और सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के साथ आईटीबीपी की कोपांग पोस्ट पहुंचे। यहां से लौट कर सीएम ने हर्षिल छावनी में बिहार रेजीमेंट के जवानों के साथ दीपावली मनाई। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है जो शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दे रहा है।
कोपांग में आईटीबीपी की असिस्टेंट कमांडेंट अनीता चौधरी से बात करते हुए उन्होंने महिला शक्ति को सलाम किया। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी मातृशक्ति द्वारा सीमाओं की रक्षा में योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात है। सीएम ने कहा कि सरकार व्यवस्था कर रही है कि हर साल आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारियों की कैंपिंग सीमांत क्षेत्र में कराई जाए। इस मौके पर गंगोत्री विधायक गोपाल रावत, डीएम मयूर दीक्षित, एसपी पंकज भट्ट, एडीएम तीर्थपाल सिंह, एसडीएम देवेंद्र नेगी, आईटीबीपी कमांडेंट अशोक बिष्ट, उपसेनानी अरविंद डंगवाल, बिहार रेजीमेंट के कर्नल राजेंद्र प्रसाद, मेजर संकोई, मेजर जेपी संधू आदि मौजूद रहे।