बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य देवता के संग्राली गांव स्थित कंडार देवता के मंदिर में उनका जन्मोत्सव कोविड-19 के चलते सादगी से मनाया गया। इस दौरान हवन कुंड में आहुतियां डालकर कोरोना की समाप्ति के लिए कामना की गई।
कंडार देवता को न्यायाधीश के रूप में पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि देवता के न्यायाधीश की तरह ही फैसले करते हैं और यह फैसला देवता की डोली सुनाती है। वहीं जन्मपत्री, विवाह, मुंडन, धार्मिक अनुष्ठान, जनेऊ समेत अन्य संस्कारों की तिथि तय करने के लिए भी लोग कंडार देवता के पास आते हैं। बुधवार को संग्राली गांव स्थित कंडार देवता मंदिर परिसर में सुबह धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस दौरान देवता के पुजारी नारायण दत्त नैथानी ने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर भगवान कंडार देवता को ऋतुफल अर्पित करते हुए उनका दुग्धाभिषेक किया। इस मौके पर पाटा, संग्राली, बग्यालगांव, बाडाहाट, लक्षेश्वर, ज्ञानसू, खांड और बसूंगा गांव से आए श्रद्धालुओं ने भगवान कंडार देवता की पूजा अर्चना कर उनसे परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न नौटियालए, देवता के भंडारी, नत्थी चौहान, विनोद नेगी, जयकृष्ण भट्ट आदि मौजूद रहे।