शहीद अनंत यादव को सलामी देते पुलिस अधिकारी
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तस्करों की मुठभेड़ में हई एसटीएफ के जवान अनंत यादव की हत्या की सीबीसीआईडी जांच होगी। बुधवार को उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता राज्यपाल केके पॉल ने की। बता दें कि पिछले दिनों तस्करों के साथ हुई मुठभेड़ में तस्करों की ओर से चली गोली से जवान अनंत यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है।
तस्करों की धरपकड़ में एसटीएफ के जवान की गोली लगने से मौत के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म है। एसटीएफ की टीम के अनुसार तस्करों ने उनकी पिस्टल लूट कर गोली मारकर उनके एक साथी की हत्या कर दी, जबकि ग्रामीणों की मानें तो पैसे का लालच मिलने पर उन्होंने सिर्फ जौड़ाव के सींग एकत्र कर उन्हें सौंपे।
ऐसे में रात के अंधेरे में किसके हाथों चली गोली से एसटीएफ के जवान की मौत हुई। यह बड़ा सवाल बना हुआ है। इसके लिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई जा रही थी। गोली लगने से एसटीएफ के एक जवान की मौत जैसे गंभीर मामले को लेकर न सिर्फ पुलिस, बल्कि आमजन भी चिंतित है। सभी चाहते हैं कि अभियान में शहीद एसटीएफ के जवान अनंत यादव को न्याय मिले।
भले ही पुलिस की प्रारंभिक जांच में सौड़ गांव निवासी सुंदर सिंह बिष्ट को हत्यारोपी बताया गया है, लेकिन एसटीएफ के प्रशिक्षित जवानों से पिस्टल लूटकर एक आम ग्रामीण द्वारा गोली मारकर हत्या करने पर सवाल उठ रहे हैं।
सवाल यह भी है कि वारदात के बाद दो दिन तक पुलिस आरोपी के घर गांव में दबिश देकर उसके फरार होने की सूचना दे रही थी, जबकि ग्रामीणों के अनुसार वह गांव में अपने घर में ही मौजूद था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर दिखोली बैंड के पास झाड़ियों में से लूटी गई पिस्टल की बरामदगी दिखाई है। जबकि यह पिस्टल पहले ही पुलिस के हाथ पड़ना चर्चा में रहा।