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पुल के लिए सड़क पर उतरे ग्रामीण

Mon, 21 Dec 2015 07:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
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जिला मुख्यालय और तिलोथ को जोड़ने के लिए नया पुल बनाने के बजाय सिर्फ बाढ़ में बही एप्रोच वाले हिस्से में पुल निर्माण की तैयारी क्षेत्र की जनता के गले नहीं उतर रही है।
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तिलोथ, जसपुर, मांडों के ग्रामीणों के साथ ही नगर के व्यापारियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर नदी के पूरे स्पान में नया पुल बनाने तथा पुल बनने तक यातायात व्यवस्था बहाल रखने की मांग की।


अगस्त 2012 की बाढ़ में तिलोथ, जसपुर, मांडों आदि गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले मोटर पुल की एप्रोच रोड का बड़ा हिस्सा बह गया था।

यहां भरान कर किसी तरह यातायात शुरू हुआ, तो जून 2013 की बाढ़ में पूरी एप्रोच रोड ही साफ हो गई। इसके बाद यहां कुछ समय सीढ़ी लगाकर पैदल और फिर वैली ब्रिज लगाकर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू की गई।
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आपदा पुनर्निर्माण के तहत यहां नए पुल का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन अब लोनिवि नदी के पूरे स्पान में नया पुल बनाने के बजाय लोनिवि 8.39 करोड़ रुपये लागत से बही एप्रोच वाले हिस्से में 42 मीटर स्पान का पुल बनाने की तैयारी कर रहा है। इसमें पुराने पुल के एबटमेंट की जैकेटिंग का भी प्रस्ताव है।


सोमवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग तिलोथ पुल पर एकत्र हुए। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने पूरे स्पान में नया पुल बनाने के बजाय एप्रोच वाले हिस्से में पुल निर्माण को सरकारी बजट का दुरुपयोग बताया।

पूरे स्पान में नए पुल के निर्माण और निर्माण के दौरान यातायात बहाल रखने की मांग पर ग्रामीणों और व्यापारियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा।

पूर्व विधायक गोपाल रावत का कहना है कि आपदा की आड़ में कांग्रेस सरकार बजट ठिकाने लगा रही है। तिलोथ पुल के एप्रोच वाले हिस्से में नए पुल का निर्माण तकनीकी रूप से भी गलत है।

इस मौके पर मुरारीलाल भट्ट, ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार, रजनी देवी, धीरेंद्र चौहान, जयेंद्र चौधरी, डा. चंडी प्रसाद भट्ट, दुर्गेश, दिनेश सेमवाल, गुलाब सिंह, हरीश डंगवाल, अरविंद उनियाल, भूदेव कुड़ियाल, सुरेंद्र नौटियाल आदि मौजूद रहे।
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