बड़ेथी-तेखला वैकल्पिक मोटर मार्ग पर अगले कुछ महीनों में यातायात शुरू होने की उम्मीद है। साढ़े नौ किमी लंबी सड़क का मनेरा के पास भूस्खलन प्रभावित कुछ हिस्सा और तेखला मोटर पुल को छोड़कर शेष कार्य पूरे हो चुके हैं।
इन कार्यों के पूरा होने के साथ ही यहां यातायात शुरू हो जाएगा। इससे न सिर्फ यात्रा सीजन में गंगोत्री आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि नगर की जनता को रोजाना के जाम के झाम से भी निजात मिलेगी।
नगर के बीच से गुजरने वाला गंगोत्री हाईवे का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की मार के चलते संकरा हो चुका है। वरुणावत भूस्खलन के बाद तो कई हिस्से जोखिम भरे भी हो गए। इस हाल में यात्रा सीजन नहीं, आम दिनों में भी नगर में लगने वाले जाम से न सिर्फ तीर्थयात्रियों को बल्कि नगरवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वर्ष 2004 में वरुणावत पैकेज से बड़ेथी-तेखला वैकल्पिक मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ। 52 करोड़ रुपये लागत से स्वीकृत 9.5 किमी लंबी इस सड़क पर तीन मोटर पुलों का निर्माण भी स्वीकृत था। बीते 11 वर्षों से निर्माणाधीन सड़क के पूरा नहीं होने से नगर क्षेत्र में जाम की समस्या गहराती जा रही है।
पिछले साल सड़क के निर्माण में तेजी आई। दो पुलों पर यातायात चालू हो चुका है और तेखला वाले पुल का निर्माण भी युद्धस्तर पर चल रहा है। सड़क के कुछ हिस्सों में आपदा के दौरान ढहे पुश्तों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
बीआरओ के अधिकारी इन कार्यों को हर हाल में इस वर्ष मई तक पूरा करने का दावा कर रहे हैं। इससे बाड़ागड्डी क्षेत्र के मनेरा, कंसैण, डांग, लदाड़ी, जोशियाड़ा, तिलोथ, मांडों, जसपुर आदि गांव मुख्य धारा में शामिल हो जाएंगे।
कोट...
तेखला में मोटर पुल निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। अप्रैल तक इस पर यातायात चालू हो जाएगा। मनेरा के पास भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़क वाले हिस्से में जल विद्युत निगम को नीचे से सुरक्षा दीवार बनानी है। इसके बनते ही बड़ेथी-तेखला वैकल्पिक मोटर मार्ग पर यातायात शुरू हो जाएगा।
एस बनर्जी, कमान अधिकारी बीआरओ।