एएनएम की हड़ताल से बुधवार को पूरे पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। ग्रामीण इलाकों में एएनएम सेंटरों में दूसरे दिन भी ताले लटके रहे। जिला मुख्यालयों और अन्य शहरों के अस्पतालों में न तो गर्भवती महिलाओं का परीक्षण हो सका और न ही बच्चों का टीकाकरण। बता दें कि उत्तराखंड मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर छह सूत्री मांगों को लेकर गढ़वाल में भी एएनएम हड़ताल पर हैं।
गोपेश्वर। जिले की एएनएम भी बुधवार से हड़ताल पर चली गई। जिला अस्पताल में अपने नवजात बच्चों के टीकाकरण के लिए पहुंची महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा। जोशीमठ, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, घाट, गैरसैंण, पोखरी क्षेत्रों में भी महिलाओं को दिक्कतें उठानी पड़ी।
एएनएम संघ की महामंत्री रजनी ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं, लेकिन शासन से मात्र आश्वासन ही मिल पा रहे हैं। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
कर्णप्रयाग। यहां एएनएम ने छह सूत्री मांगों को लेकर सीएचसी कर्णप्रयाग और ब्लॉक के बीस उपकेंद्रों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान सीएचसी में टीकाकरण के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को बिना टीकाकरण और जांच के ही लौटना पड़ा। संघ की ब्लॉक अध्यक्ष विजया कंडारी, पुष्पा रावत, रुक्मा कंडवाल, इंदु नवानी, ममता चौहान, सावित्री बिष्ट ने कहा कि उनकी मांगों का निराकरण नहीं होने तक अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
नई टिहरी/चंबा/नैनबाग। यहां एएनएम कार्यकत्रियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। एएनएम ने सीएचसी, पीएचसी में धरना देकर प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते दूर-दराज के गांवों से आने वाली दर्जनों महिलाओं एवं बच्चों को बिना टीकाकरण के बैरंग लौटना पड़ा। एएनएम ने चंबा सीएचएसी में धरना दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुधा पांडेय, मंगला नेगी, गंगोत्री खत्री, लक्ष्मी देवी, सत्येश्वरी देवी, मंजू उनियाल, सुलोचना बोरा, विजयलक्ष्मी पंवार, रोशनी देवी, सीता देवी आदि मौजूद थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नैनबाग में एएनएम ने धरना देकर मांगों के निराकरण की मांग की।
यहां प्रियंका, मीरा तोमर, प्रतिमा सजवाण, निमेश पंवार, सरिता क्षेत्रीय, अनुराधा, विजय लक्ष्मी, आशा पंवार, उर्मिला अग्रवाल, रीना, रजनी मौजूद थी। लंबगांव, प्रतापनगर, पिलखी, कंडीसौड़, नरेंद्रनगर आदि स्थानों में भी एएनएम ने धरना दिया।
एएनएम के कार्य बहिष्कार के चलते जिला अस्पताल बौराड़ी समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच नहीं हो पाई है। टीन शेड निवासी लक्ष्मी देवी, भागीरथीपुरम से विमला देवी, नई टिहरी की सुनीता पंवार सहित दो दर्जन महिलाएं बच्चों के टीकाकरण के लिए अस्पताल पहुंची थी, लेकिन हड़ताल के चलते बिना टीकाकरण के ही उन्हें लौटना पड़ा।
खिर्सू में नहीं टीकाकरण को कोई नहीं पहुंचा
श्रीनगर/कीर्तिनगर/देवप्रयाग। एएनएम की हड़ताल से बुधवार को टीकाकरण कुछ जगहों को छोड़कर प्रभावित रहा। एएनएम की हड़ताल को देखते हुए सीएचसी खिर्सू के प्रभारी डॉ. प्रदीप राणा ने स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को बेस अस्पताल और सीएचसी में टीकाकरण की जिम्मेदारी दे रखी थी लेकिन बेस अस्पताल में एएनएम ने वैक्सीन कक्ष में तालाबंदी कर दी। वहीं खिर्सू में कोई भी टीकाकरण कराने नहीं पहुंचा। संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में भी टीकाकरण नहीं हो पाया।
देवप्रयाग में डॉक्टरों ने टीकाकरण किया। वहीं, कीर्तिनगर में एएनएम की हड़ताल का असर नहीं दिखा। यहां तीन संविदा सहित पांच एएनएम ने सेवित क्षेत्रों में टीकाकरण किया। उधर, संयुक्त अस्पताल में सुनीति गुसाई, नीलम मिश्रा, प्रीति भारती, उर्मिला गैरोला, अनीता बिष्ट, अंजू गुसाई, बबली और सुमा देवी ने धरना दिया। उफल्डा से आई माधुरी देवी और गुड्डी देवी ने बताया कि वे अपने शिशुओं को टीका लगाने आए थे लेकिन बैरंग लौटना पड़ा।
उत्तरकाशी जिले में भी बैरंग लौटी महिलाएं
उत्तरकाशी। मातृ- शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ की हड़ताल से दूसरे दिन ही जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से लड़खड़ा गई। कई किमी दूर से जिला चिकित्सालय बच्चों के टीकाकरण को पहुंची महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा।
दरअसल माह के प्रत्येक बुधवार को गर्भवती महिलाओं और नवजात को टीके लगाए जाते हैं। प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा जिला चिकित्सालय में एएनएम व स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों की सहायता से टीके लगाए जाते हैं, लेकिन महासंघ के आह्वान पर जिले में भी एएनएम और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक हड़ताल पर चल रहे हैं।
बुधवार को दर्जनों गर्भवती महिलाएं और नवजात बच्चों को लेकर उनके परिजन जिला चिकित्सालय पहुंचे, लेकिन उन्हेें टीका लगाने वाला वहां कोई नहीं मिला। जिससे उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। इसके अलावा चिन्यालीसौड़, बड़कोट, नौगांव, पुरोला के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक व एएनएम की हड़ताल से टीकाकरण का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा, जिससे ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ी।
इनका कहना है
केस 1- जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर भटवाड़ी गांव से पहुंची विजय लक्ष्मी नौटियाल ने बताया कि वह बच्चे को टीके लगाने के लिए जिला चिकित्सालय आई थी, लेकिन टीके लगाने पर उसे बैरंग लौटना पड़ रहा है।
केस 2- डुंडा ब्लॉक के पॉव गांव की कंकी देवी ने बताया कि वह बच्चे को टीका लगाने जिला चिकित्सालय आई थी, लेकिन उसे पता नहीं था कि एएनएम वर्कर हड़ताल पर हैं। जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से यहां अस्थायी व्यवस्था भी नहीं की हुई है।
केस 3- तांबाखाणी से पहुंची सुुनीता सेंजवाल ने बताया कि वह टीका लगाने चिकित्सालय आई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण के लिए किसी भी प्रकार की अन्य व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि विभागीय अधिकारियों को पूर्व में पता था कि स्वास्थ्य पर्यवेक्षक व एएनएम की हड़ताल हैं।
टेक्निकल कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हम लोग नॉन टेक्निकल कर्मचारियों से टीकाकरण जैसा महत्वपूर्ण कार्य नहीं करवा सकते हैं।
-बीएस रावत, सीएमओ, उतरकाशी
रुद्रप्रयाग में 363 शिशुओं के साथ 467 महिलाएं लौटी बैरंग
रुद्रप्रयाग। एएनएम की हड़ताल होने से विभिन्न केंद्रों में 467 गर्भवती महिलाओं का परीक्षण और 363 शिशुओं का टीकाकरण नहीं हो सका। केंद्रों पर पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। हड़ताल के कारण जिला अस्पताल सहित सीएचसी अगस्त्यमुनि, जखोली सहित ऊखीमठ व गुप्तकाशी स्वास्थ्य केंद्र के अलावा मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण केंद्रों पर टीकाकरण नहीं हुआ। हड़ताल ज्यादा दिन तक रहती है तो दूरस्थ गांवों के लोगों की समस्याएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि कई गांव ऐसे हैं, जहां से गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को परिजन पांच से बारह किमी पैदल चलकर टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में लाते हैं।
उधर, मांगों को लेकर एएनएम ने सीएमओ कार्यालय में जिलाध्यक्ष कांति रावत के नेतृत्व में धरना दिया। उनका कहना था कि एक तरफ शासन स्तर पर अन्य विभागों में नई नियुक्तियों के तहत ग्रेड-पे बढ़ाया जा रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग में एएनएम की नई नियुक्ति पर ग्रेड-पे 2800 से घटाकर दो हजार रुपये दिया जा रहा है, जो अनुचित है। इस दौरान सीएमओ डॉ. आरपी बडोनी के माध्यम से मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन भेजा गया। धरने में दीपा नेगी, दर्शनी नेगी, बुद्धी बुटोला, सुशीला चौधरी, शकुंतला राणा, प्रेमा तिवारी सहित तीनों ब्लाक की एएनएम मौजूद थी।
बिना टीकाकरण के लौटे 400 बच्चे
कोटद्वार। उत्तराखंड मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ की प्रदेशव्यापी हड़ताल के कारण राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार, मोटाढांग, झंडीचौड़, कलालघाटी, काशीरामपुर, पदमपुर सुखरौ में टीकाकरण केंद्र ठप रहे। सभी केंद्रों में करीब चार सौ बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया। उधर, संघ की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष मुन्नी गुसाईं के नेतृत्व में एएनएम और एलएचबी कर्मचारी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में एकत्र हुए और उन्होंने कार्य बहिष्कार किया।
इस दौरान ब्लाक अध्यक्ष मुन्नी गुसाईं ने कहा कि उनकी वेतन विसंगति दूर करने और पदनाम परिवर्तन सहित छह सूत्री मांगें वर्षों से शासन स्तर पर लंबित हैं। कई बार सरकार से वार्ता के बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। विरोध प्रदर्शन मेें शशि भट्ट, सुनीता नेेगी, लक्ष्मी कसवा, विशेश्वरी नेगी, सुनीता बिष्ट, गणेशी नेेगी, सरस्वती रावत, धनेश्वरी देवी आदि मौजूद थे। ब्यूरो