उत्तरकाशी। लौंथरू और बौंगा गांव में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालु पहुंच कर कथा का श्रवण कर रहे हैं। लौंथरू गांव में छठवें दिन व्यास पीठ से डॉ. शशांक शेखर ने मां गंगा की कथा सुनाई। उन्होंने मां गंगा में पूजा पाठ आदि सामग्री नहीं डालनी की अपील की।
वहीं, बौंगा गांव में ध्याणी मिलन कार्यक्रम के तहत चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा में दूर दराज से ध्याणी कथा का श्रवण करने पहुंच रही है।बौंगा गांव में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा व्यास पीठ से महामाया प्रसाद शास्त्री ने कहा कि धरती पर बेटी का देवी का स्वरूप है। जो लोग बेटी और बेटे में भेदभाव करते हैं। वे संसार के सबसे बड़े पापी हैं। इस मौके पर ध्याणी समिति की अध्यक्ष शशी बुटोला, जगतंबा नौटियाल, श्वेता चौहान, शकुंतला देवी, प्रतिमा नेगी आदि मौजूद रहे। वहीं, लौंथरू गांव में क्षेत्र पंचायत सदस्य गणेश कंसवाल, प्रेमबल्लभ सेमवाल, डॉ. बद्री प्रसाद, जयकृष्ण सेमवाल, राजेश प्रसाद, भगीरथ सेमवाल, भागेश सेमवाल, पुष्पा देवी, सुशीला देवी, बृजा देवी आदि मौजूद रहे। संवाद