उत्तरकाशी। प्रसिद्ध पर्वतारोही व उप शिक्षाधिकारी हर्षा रावत को प्रदेश सरकार ने तीलू रौतेली राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। कड़े संघर्षों के बाद सफलता के शिखर पर पहुंची उप शिक्षाधिकारी ने इस सम्मान के लिए सरकार का आभार प्रकट किया है। साथ ही महिलाओं व बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का भरोसा दिया है।
बता दें कि महान वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर सरकार ने प्रदेश की 21 महिलाओं को तीलू रौतेली राज्य पुरस्कार से नवाजा है। जिसमें सीमांत उत्तरकाशी जिले की प्रसिद्ध पर्वतारोही व उप शिक्षाधिकारी हर्षा रावत भी शामिल हैं। अमर उजाला से हुई बातचीत में हर्षा रावत ने बताया कि उनका जन्म मोरी ब्लॉक के दूरस्त भुटाणू गांव में हुआ था। छोटी उम्र में ही माता पिता का निधन होने के बाद उनका बचपन कड़े संघर्षों से गुजरा। लेकिन बड़ी बहन वनीता पंवार के सहयोग व कड़ी मेहनत से उन्होंने दिक्कतों के बावजूद अपनी पढ़ाई पूरी की। जिसके फलस्वरूप वर्ष 1990 में वह सरकारी शिक्षक बनी। इस बीच प्रसिद्ध पर्वतारोही चंद्रप्रभा ऐतवाल के मार्गदर्शन में वह पर्वतारोहण के क्षेत्र से जुड़ी और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से प्रशिक्षण लिया। साथ ही माउंट ऐवरेस्ट, रुद्रगेरा समेत कई पर्वतारोहण अभियानों में शामिल रही। पर्वतारोहण व शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उन्हें डुंडा ब्लॉक का उप शिक्षाधिकारी नियुक्त किया गया। साथ ही साथ राष्ट्रीय साहस पुरस्कार सहित राज्य व जनपद स्तर के कई पुरस्कारों से नवाजा गया। वहीं शनिवार को तीलू रौतेली पुरस्कार मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता के शिखर पर पहुंचने से ज्यादा वहां टिके रहना महत्वपूर्ण है। क्योंकि सफलताओं के बाद समाज की अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए व्यक्ति को निरंतर कड़ी मेहनत व अपने आप में सुधार करते रहना चाहिए।
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जनपद की दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित
उत्तरकाशी।
जनपद की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम मेहर और बीना चौहान को भी सरकार की तरफ से राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दिलसौड़ तथा मोरी क्षेत्र की इन कार्यकर्ताओं को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए 10-10 हजार रुपये तथा प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया गया है।
।। खबर अभ्युदय कोटनाला।।