उत्तरकाशी। कुछ साल पहले जलकुर नदी में आई बाढ़ से बड़ेथ गांव के तटवर्ती खेतों में हुए नुकसान के गलत आकलन पर ग्रामीणों ने रोष जताया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
बड़ेथ गांव निवासी त्रिलोक बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2013-14 में जलकुर नदी में आई बाढ़ से तटवर्ती हिस्सों में काफी नुकसान हुआ था। बड़ेथ गांव में भी कई खेत बाढ़ में बह गए थे और कई खेतों में लगी फसल तबाह हो गई थी। लंबे इंतजार के बाद राजस्व विभाग ने बाढ़ में हुई क्षति का आकलन कर मुआवजे की राशि तय तो की है, लेकिन भारी गड़बड़ियां हैं। उन्होंने कहा कि इसमें जिन किसानों की वास्तविक क्षति हुई है उनका मुआवजा बहुत कम बनाया गया है, जबकि जलकुर नदी से दूर खेत वाले ग्रामीणों का कोई नुकसान नहीं होने पर भी कई गुना ज्यादा प्रतिकर तय किया गया है।