खरसाली को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए पीएमजीएसवाई ने पौने सात करोड़ रुपये लागत से सड़क का निर्माण होना था। सड़क की कटिंग तो कर ली गई, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में गांव तक आपदा से पहले रसद का अग्रिम चार माह का कोटा भी नहीं पहुंच पा रहा है।
तीर्थ पुरोहितों की मांग पर सरकार ने फूलचट्टी से खरसाली तक पौने सात करोड़ रुपये लागत से 1.7 किमी लंबी सड़क स्वीकृत की। वर्ष 2005 में सड़क का निर्माण शुरू कर पीएमजीएसवाई ने कटान कार्य तो पूरा कर लिया, लेकिन अभी तक न तो सड़क पर डामरीकरण हो पाया है और न ही सड़क किनारे नालियां बन पाई।
खरसाली गांव निवासी रणवीर सिंह, पवन प्रकाश, सुभाष उनियाल, मनमोहन उनियाल ने बताया कि निकासी नहीं होने से पानी बहने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर जगह-जगह मलबा जमा है और गड्ढे हो रखे हैं।
अब मानसून सीजन में अलग-थलग पड़ने की स्थिति को देखते हुए सरकार ने ऐसे गांवों तक चार माह का अग्रिम रसद कोटा पहुंचाने के आदेश दिए हैं। खरसाली भी इन्हीं गांवों में शामिल है। गांव के सस्ता गल्ला विक्रेता प्यारे लाल उनियाल का कहना है कि गोदाम से रसद कोटा उठा तो लें, लेकिन कोई वाहन चालक गांव तक गाड़ी ले जाने को तैयार नहीं है।
फूलचट्टी-खरसाली सड़क को दुरुस्त करने के लिए मशीन भेजी जा रही है। बजट के अभाव में सड़क के कई कार्य अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं। बजट मिलने पर सड़क को चाक चौबंद कराया जाएगा।
एनएस सिंह, ईई, पीएमजीएसवाई बड़कोट।