गंगा-यमुना की अगुवाई में निकली शोभा यात्रा
माघ मेले के पहले दिन गंगा और यमुना घाटी की संस्कृति के रंग बिखरे। नगर क्षेत्र में गंगा के कलश और यमुना की छड़ी की अगुवाई में निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बाड़ाहाट स्थित चमाला की चौंरी पर देव डोली एवं निशानों का मिलन और नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से भी देव-डोलियां पहुंची। विश्वनाथ मंदिर से शुरू हुई यात्रा मेला मंच पर संपन्न हुई। पहले दिन संग्राली के कलाकारों द्वारा रासौ नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
25 जनवरी तक चलेगा मेला
मेले का आयोजन 25 जनवरी तक होगा। मेला अवधि को लेकर शुरू से असमंजस की स्थिति बनी हुई। शहर के व्यापारियों ने मेला अवधि पूर्व की भांति कम रखने को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बार मेले की अवधि 25 जनवरी तक रहेगी।
ठेकेदार और फड़ व्यापारियों में हुआ विवाद
देर रात मेला मैदान में चारपाई की जगह को लेकर मेला ठेकेदार और फड़ लगाने वाले व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि इकट्ठी भीड़ को देखते हुए पीएसी और पुलिस मौके पर पहुंची। व्यापारियों का कहना है कि मेला ठेकेदार 30 से 35 हजार रुपए मांग रहा है।