आंदोलन के सात दिन बाद भी वार्ता के लिए पहुंचा जिम्मेदार अधिकारी
उत्तरकाशी। ताबांखानी में नगर के कूड़े निस्तारण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इसको लेकर अब छात्रसंघ से जुड़े पदाधिकारी और पड़ोसी जनपद नई टिहरी से भी लोग धरने को समर्थन देने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन धरने के सातवें दिन होने के बावजूद भी अभी तक नगरपालिका और जिला प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां पर उनकी मांग सुनने के लिए नहीं पहुंचा है।
नगर के कूड़ा निस्तारण की मांग को लेकर स्थानीय निवासी गोपीनाथ रावत के नेतृत्व में स्थानीय लोग गत सात दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं सातवें दिन धरने को छात्रसंघ से जुड़े छात्र नेताओं ने भी धरने को समर्थन दिया। साथ ही टिहरी जनपद के कुछ लोगों ने भी अपना समर्थन दिया। धरना कर रहे लोगों का कहना है कि सात दिन बाद भी ताबांखानी में रखे कूड़े के निस्तारण के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया गया है।
इस पर गत सात से आठ वर्षों से विवाद चल रहा है लेकिन अभी तक प्रशासन और नगरपालिका की ओर से इस पर किसी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हर बार मात्र निस्तारण का आश्वासन दिया जाता है। नगर के मुख्य द्वार पर यह कूड़ा पूरे जनपद की छवि का धूमिल कर रहा है। धरने के सातवें दिन भी प्रशासन और नगरपालिका का कोई जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में वार्ता करने नहीं पहुंचे हैं।
कूड़े के विरोध में चल रहे धरने को कांग्रेस भी समर्थन दे चुकी है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को छात्रसंघ से जुड़े शिवांशु थपलियाल, आशीष रावत, सौरभ पंवार, मानिका पंवार, सोनिका भट्ट, आरती पंवार, अंजली पंवार सहित टिहरी जनपद के सागर भंडारी, अजय पंवार ने धरने को अपना समर्थन दिया है।