नीलापानी होते हुए मुलिंगना पास जाएगा दल, प्रधानमंत्री ने किया था दोनों ट्रैकों का शुभारंभ
उत्तरकाशी। समुद्रतल से सबसे अधिक ऊंचाई पर बसे दूसरे जनकताल ट्रैक के लिए पर्वतारोहियों का दल रवाना हो गया है। इसके बाद वे नीलापानी होते हुए मुलिंगना पास जाएंगे और उसके बाद जनपद मुख्यालय लौटेंगे। भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित इन दोनों ट्रैक का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर्षिल दौरे में शुभारंभ किया था। उसके बाद यह पहला दल है, जो जनकताल और मुलिंगना पास के लिए रवाना हुआ।
गढ़वाल माउंटेन एंड ट्रैकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने बताया कि प्रधानमंत्री ने जनकताल और मुलिंगना पास ट्रैक का उद्घाटन कर भारत-चीन सीमा पर पर्यटन और दोबारा बसावट को शुरू करने का अभियान शुरू किया था। उसके तहत बुधवार को मुंबई, लखनऊ और हिमाचल प्रदेश के पांच ट्रैकर्स सहित गाइड लक्ष्मण सिंह, सिद्धार्थ राणा, सूरज विश्व के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रैक जनकताल के लिए रवाना हुए।
ये लोग आज जादूंंग गांव पहुंचेंगे। उसके बाद वहां से बृहस्पतिवार को करीब 14 किमी लंबे जनकताल ट्रैक के लिए रवाना होंगे। उसके बाद वापस नीलापानी आकर मुलिंगना पास की ट्रैकिंग करेंगे। यह पूरा अभियान करीब आठ दिन का होगा। जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी ने कहा कि यह भारत-चीन सीमा पर पर्यटन को नया आयाम देगा। यह पहला दल है जो कि ट्रैक पर ट्रैकिंग करेगा। वहीं यह केंद्र सरकार की वाइब्रेंट योजना की सार्थकता को भी साकार कर रहा है। जयेंद्र राणा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के कारण वहां पर अनुमति के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया की कार्रवाई करनी पड़ी।