बड़कोट। यमुनाघाटी के बाजगी समुदाय के लोगों ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में एक सम्मेलन आयोजित किया। बाजगी समुदाय ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में निभाई गई अपनी भूमिका को लेकर चर्चा कर राज्य सरकार से आंदोलनकारी का दर्जा देने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान बाजगी समुदाय ने अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और सीमित संसाधनों के साथ आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण और अग्रणी भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद आज तक बाजगी समुदाय को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा नहीं दिया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
बाजगी समुदाय के लोगों ने एक स्वर में मांग की कि राज्य निर्माण आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले समुदाय के लोगों का चिह्नीकरण कर उन्हें राज्य आंदोलनकारी का दर्जा दिया जाए। आंदोलनकारियों के समान पेंशन और अन्य सरकारी सुविधाएं प्रदान करने की भी मांग रखी। बैठक में उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीताराम गौड़, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, बाजगी समुदाय के अध्यक्ष सतीश दास, उपाध्यक्ष सुंदर दास, रोशन दास उपस्थित रहे। संवाद