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ओवरलोडिंग से जोखिम में यात्रियों की जान

Sun, 14 Jul 2013 05:31 AM IST
Uttar Kashi
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उत्तरकाशी। जिले में टैक्सी चालक यात्रियों की जान जाखिम में डाल रहे हैं। स्थिति यह है कि 10 सीटर वाहन पर 15 से 20 सवारी बिठाई जा रही है। ओवरलोडिंग से दो दिन पूर्व गणेशपुर में नेताला के एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बावजूद न तो वाहन चालक सबक ले रहे हैं और न ही संभागीय परिवहन विभाग को इसकी परवाह है।
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16 और 17 जून की आपदा से जिले के अधिकांश मोटर मार्गों पर भूस्खलन और भू-धंसाव के चलते दैनिक बस सेवाएं नहीं चल पा रही हैं। वहीं छोटे वाहन चालक ज्यादा कमाने के चक्कर में यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। आपदा से बदहाल हुए मार्गों पर वाहनों का चलना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद चालक ठूंस-ठूंस कर सवारियां भर रहे हैं। 10 सीटर वाहन पर 15 से 20 सवारियां भरी जा रही हैं। यही नहीं वाहनों की छतों पर भी सवारियां लादी जा रही हैं। उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर, उत्तरकाशी-गंगोरी, गणेशपुर-नेताला सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मोटर मार्गों पर ओवरलोड वाहन दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। गत 10 जुलाई को नेताला के 20 वर्षीय अशोक की ओवरलोडिंग के चलते मौत हो गई। युवक नेताला से टैक्सी की छत पर बैठकर उत्तरकाशी आ रहा था कि गणेशपुर के पास छत से गिर गया था। इसके बावजूद भी जिले के विभिन्न रूटों पर ओवरलोडिंग रोकने के लिए संभागीय परिवहन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। दुर्घटनाओं के बाद भी विभागीय अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं।

यात्रियों से वसूल रहे मनमाना किराया
उत्तरकाशी। आपदा के बाद से विभिन्न रूटों पर दैनिक बस सेवाएं न चलने से टैक्सी चालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। लंबगांव से उत्तरकाशी आई पूजा देवी ने बताया कि वह अपनी सास के साथ टैक्सी से उत्तरकाशी पहुंची। टैक्सी चालक ने उनसे 90 रुपए प्रति सवारी के हिसाब से किराया वसूला, जबकि वास्तविक किराया 70 रुपए है। इसी तरह अन्य रूटों पर भी यात्रियों से खुलेआम मनमानी की जा रही है।
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एआरटीओ मेडिकल अवकाश पर हैं और मेरी ड्यूटी आपदा में लगी हुई है। वाहनों में ओवरलोडिंग पर नियंत्रण के लिए शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा। --रत्नाकर, प्रभारी एआरटीओ उत्तरकाशी

सभी चालकों को निर्देशित किया गया है कि वह मानकाें के अनुरूप सवारी बिठाएं। यदि कुछ चालक इसके बावजूद भी ओवरलोडिंग कर रहे हैं तो इसके लिए वह स्वयं जवाबदेह होंगे। परिवहन विभाग को ऐसे चालकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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दिनेश सिंह, कोषाध्यक्ष विश्वनाथ जीप-कमांडर यूनियन
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