यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम की यात्रा शुरू हुए मंगलवार को पचास दिन पूरे हो गए। इन 50 दिनों में डेढ़ लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के दर्शन किए।
बीते साल पूरे यात्रा सीजन में इन दोनों धामों की यात्रा पर कुल एक लाख तीर्थयात्री भी नहीं पहुंचे थे। तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा होने से तीर्थ पुरोहित और व्यापारी काफी खुश हैं।
बीते सालों में आपदा से चौपट हुई चार धाम यात्रा इस साल पटरी पर लौट आई है। बीते 21 अप्रैल को यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के कपाट खुले थे। मंगलवार को यात्रा को पचास दिन पूरे हो गए।
इस दौरान 70 हजार 500 तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री तथा 87 हजार यात्रियों ने गंगोत्री धाम के दर्शन किए। जबकि बीते साल पूरे यात्रा सीजन में महज 42720 यात्री यमुनोत्री और 50063 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे थे।
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राज्य सरकार के प्रयासों से इस बार चार धाम यात्रा पटरी पर लौटने लगी है। यात्रा मार्ग की स्थिति में काफी सुधार है। यहां आ रहे तीर्थयात्री यात्रा मार्ग और व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। चार धाम यात्रा स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़ी है।
सुरेश सेमवाल, सचिव गंगोत्री मंदिर समिति।
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इस साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री चार धाम यात्रा पर आ रहे हैं। अभी तक यात्रा निर्बाध रूप से चली है। मानसून सीजन में भी यात्रा मार्ग पर यातायात बहाली के ठोस इंतजाम रहेंगे, तो तीन लाख से अधिक तीर्थयात्रियों के यहां पहुंचने की उम्मीद है।
पवन प्रकाश उनियाल, उपाध्यक्ष यमुनोत्री मंदिर समिति।
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बीते सालों की आपदा और इससे पैदा हुए भय के माहौल से यात्रा का जल्द पटरी पर लौटना मुश्किल लग रहा था, लेकिन इस बार मौसम ने भी साथ दिया और यात्रा मार्ग की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। जिससे यात्रा की रौनक लौट आई है।
अजय पुरी, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी।