लगातार बढ़ती गर्मी से जिले के 24 गांवों की पेयजल योजनाओं के स्रोत पर पानी की कमी हो गई है, जिससे जल संस्थान इन गांवों में एक दिन में मात्र एक घंटे पानी की आपूर्ति ही कर रहा है।
पर्याप्त पानी नहीं मिलने से ग्रामीण कई किमी पैदल चलकर प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। उत्तरकाशी, बड़कोट, चिन्यालीसौड़ नगर के भी कई मोहल्लों में पेयजल संकट गहराने से लोग परेशान हैं।
पिछले एक माह से बढ़ती गर्मी से जिले की कई गांवों की पेयजल योजनाएं दम तोड़ने लगी है। योजनाओं के स्रोत सूखने से पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। दिवली, डांग, उडखोला, खमुंडी सहित जिले के 24 गांवों में जल संस्थान एक दिन में मात्र एक घंटे पानी की आपूर्ति कर रहा है।
पूरा पानी नहीं मिलने पर ग्रामीण कई किमी पैदल चलकर प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। उत्तरकाशी, चिन्यालीसौड़, बड़कोट नगर के भी कई मोहल्लों में पर्याप्त की आपूर्ति नहीं हो पा रही।
धौंतरी बाजार में भी कई दिनों से आपूर्ति ठप होने से लोग परेशान हैं। लगातार बढ़ती गर्मी के चलते पेयजल स्रोत सूखते जा रहे हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों में पेयजल किल्लत और बढ़ सकती है।
नहीं बन पाए मिनी ट्यूबवेल
नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में पेयजल समस्या से निपटने के लिए दो साल पहले दो मिनी ट्यूबवेल स्वीकृत हो गए थे, लेकिन अभी तक बोरिंग करने का काम ही पूरा हो पाया। मिनी ट्यूबवेल नहीं बनने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बरसात के दौरान बाढ़ से पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त होने से नगर एवं आसपास के क्षेत्र में कई दिनों तक पेयजल आपूर्ति ठप हो जाती है।
कोट.......
कुछ गांवों में पानी की संकट बढ़ने लगा है। अभी फिलहाल समस्या ज्यादा नहीं है। 15 जून के बाद पेयजल किल्लत बढ़ सकती है। इसके बाद पेयजल की समस्या वाले गांवों में टैंकर एवं खच्चरों से पानी की आपूर्ति करने की तैयारी है।
आरएस नेगी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।