टिहरी बांध झील का जलस्तर 817 मीटर पहुंचने से दिचली और गमीर पट्टी को जोड़ने वाला दैवीसौड़ पुल झील में समाने से 40 गांव तहसील मुख्यालय से अलग-थलग पड़ गए हैं। पुल के हर साल झील में समाने से ग्रामीण, स्कूली बच्चों एवं क्षेत्र में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की मुसीबतें बढ़ जाती है।
इस बार झील में लकड़ी जमा होने के कारण यहां से बोट का संचालन नहीं हो पा रहा है। मोटर वोट का संचालन पीपलमंडी और कोटी गाड के बीच होने के कारण ज्यादा लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि वर्ष 2006 में टिहरी बांध की झील बनने के बाद टिहरी बांध की झील का विस्तारीकरण चिन्यालीसौड धरासू पावर हाउस तक होने के कारण अगस्त व सितंबर तक झील का जलस्तर आरएल 816 से 817 तक पहुुंचने पर देवीसौड़ पुल झील में समा जाता है। पुल के झील में समाने से प्रभावित दिचली-गमरी पट्टी के ग्रामीणों को चिन्यालीसौड़ बाजार तक पहुंचने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासी जीत सिंह राणा, भगवती नौटियाल, घनश्याम नौटियाल, धर्मानंद बिजल्वाण आदि ने टीएचडीसी से दैवीसौड़ पुल के नीचे झील में जमा कचरा और लकड़ी को हटाने की मांग की है। तहसीलदार पूनम पंत ने बताया कि पुल के नीचे जमा कचरे को हटाने के लिए टीएचडीसी को कहा गया है।