पालिका प्रशासन द्वारा दो साल पहले करीब 18 लाख की लागत से हाईटेक शौचालय बनाया, लेकिन बरसाती खड्ड के मुहाने पर बना होने के कारण उद्घाटन से पहले की ही धंस गया। शौचालय के निर्माण और सुरक्षा इंतजाम पर करीब 25 लाख खर्च हो चुके हैं। तत्कालीन डीएम ने इसके जांच के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है।
नगर पालिका द्वारा वर्ष 2018 में करीब 18 लाख की लागत से दोबाटा के पास हाईटेक शौचालय बनाया गया। इसे उत्तर भारत के पहले हाईटेक शौचालय के तौर पर प्रचारित किया गया। बरसाती खड्ड के मुहाने पर धंसाव वाली जमीन पर बनाए जाने से यह उद्घाटन से पहले ही भूस्खलन की चपेट में आ गया। तब इसकी सुरक्षा के लिए करीब सात लाख रुपये लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया। हैरानी वाली बात है कि यह सुरक्षा दीवार भी कुछ ही दिन में ढह गई। तब अपनी कमियां छिपाने के लिए शौचालय को मशीनों की मदद से उठाकर सड़क किनारे तिरपाल से ढक कर रख दिया गया। अप्रैल 2019 से यह शौचालय बिना उपयोग के ऐसे ही रखा हुआ है।
उस दौरान सरकारी बजट के दुरुपयोग के आरोप लगने पर तत्कालीन डीएम ने इसकी जांच के आदेश देने के साथ ही इसे उपयोग में लाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शिफ्ट कराने के आदेश दिए थे, लेकिन न तो कोई जांच हुई और न ही शौचालय शिफ्ट किया गया। करीब 25 लाख खर्च होने के बाद भी दो साल से शौचालय उपयोग में नहीं आने पर लोग सवाल उठा रहे हैं। शौचालय निर्माण के लिए गलत स्थान चयन, लाखों से बनी सुरक्षा दीवार ढहने और अभी तक शौचालय उपयोग में नहीं आने के सवालों पर जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं।
पूर्व में जिलाधिकारी ने शौचालय को सीएचसी परिसर में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब पालिकाध्यक्ष ने इसे दोबाटा में ही स्थापित करने को कहा है। इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
अमरजीत कौर, ईओ, नगर पालिका बड़कोट।