जिला मुख्यालय में तांबाखाणी सुरंग का सौंदर्यीकरण कार्य खानापूर्ति बनकर रह गया है। सुरंग के सौंदर्यीकरण के नाम पर अवस्थापना खंड सिंचाई विभाग ने लगभग 24 लाख से अधिक का बजट खर्च कर दिया है लेकिन सुरंग में पानी के लीकेज की समस्या बरकरार है। विभाग ने सौंदर्यीकरण कार्य में लीकेज की समस्या का समाधान करने की बात कही थी।
गंगोत्री हाईवे पर स्थित तांबाखाणी सुरंग की बदहाल स्थिति पर तत्कालीन डीएम मयूर दीक्षित ने सुरंग का सौंदर्यीकरण कराने का निर्णय लिया था जिसके बाद अवस्थापना खंड सिंचाई विभाग को कार्यदायी संस्था बनाकर सुरंग के सौंदर्यीकरण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। विभाग ने सौंदर्यीकरण के नाम पर सुरंग की दीवारों, फुटपाथ की रेलिंग पर रंगरोगन करने, सुरंग के मुहाने एक छोर पर वॉल पेंटिंग बनवा कर इतिश्री कर ली है। तत्कालीन विभागीय अधिकारी ने सुरंग में पानी की लीकेज की समस्या को हल करने के लिए इसे इस्टीमेट में शामिल करने की बात कही थी लेकिन अब विभागीय अधिकारी लीकेज के काम को इस्टीमेट नहीं होने की बात कहकर इससे पल्ला झाड़ रहे हैं।
स्थिति ये है कि सुरंग में रंगरोगन के नाम पर केवल चूना लगाया गया है। पानी के लीकेज की समस्या बनी रहने से सुरंग में फुटपाथ से पैदल आवाजाही करने में परेशानी हो रही है। साथ ही सुरंग में गंदगी का आलम बना हुआ है। सुरंग के अंदर अधिकांश लाइट भी क्षतिग्रस्त हैं।
-सुरंग के सौंदर्यीकरण का काम लगभग पूरा हो गया है। पानी के लीकेज का उपचार इस्टीमेट में नहीं है। इसलिए उसका ट्रीटमेंट नहीं कर पाए। सुरंग के ऊपर एक एलईडी बोर्ड लगना बाकी रह गया है। -अंजेश सैनी, एई अवस्थापना खंड सिंचाई विभाग।
-सुरंग में पानी के लीकेज की समस्या काफी पुरानी है। इस संबंध विभाग के साथ तकनीकी जांच करवाकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
-सीएस चौहान, एसडीएम भटवाड़ी