जिले के नवनियुक्त डीएम डा आशीष श्रीवास्तव ने जिले की आर्थिकी, पर्यटन और हॉर्टिकल्चर को बढ़ाने के साथ ही दूरस्थ गांव में रह रहे ग्रामीणों की समस्या के निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को आगामी 20 दिसंबर को अलग-अलग दूरस्थ गांव में रात बिताने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। कहा कि वे स्वयं 17 दिसंबर को जिले के किसी ऐसे गांव में रात बिताएंगे जहां तक जाने के लिए सड़क सुविधा नहीं होगी।
पत्रकार वार्ता में डीएम ने कहा कि हर्षिल के सेब विश्व विख्यात हैं, लेकिन ब्रांडिंग न होने के कारण सेब हिमाचल प्रदेश की पेटियों में बेचा जा रहा है। वे स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जिले में ही सेब को रखने के लिए पेटियां तैयार करवाएंगे। कहा जो गांव मुख्यालय से दूर हैं उनके लिए ऐसी डिवाइस तैयार करवाई जा रही है, जिससे उनका मुख्यालय से संपर्क बना रहेगा।
डिवाइज की रेंज ऐसी है कि 20 किमी के दायरे में कहीं भी मोबाइल सिग्नल होगा, तो यह आसानी से काम कर सकती है। डिवाइस की मदद से लोग जिला मुख्यालय में संपर्क कर पाएंगे, जहां एक कर्मचारी उनकी शिकातें सुनेगा और फिर पास के तहसील मुख्यालय से कर्मचारी वहां जाकर उस व्यक्ति की समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करेगा। इसके अलावा डीएम कार्यालय, सीडीओ, तहसील, ब्लॉक मुख्यालयों में एक फोन और कर्मचारी लोगों की सुविधा के लिए रहेगा।