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सड़क निर्माण में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन दुरुस्त नहीं कराने पर तराकोट के ग्रामीणों ने अवरुद्ध की सड़क

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उत्तरकाशी/चिन्यालीसौड़। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही जिले के विभिन्न हिस्सों में पेयजल का संकट गहराने लगा है। जिला मुख्यालय से सटे तिलोथ तथा चिन्यालीसौड़ प्रखंड के तराकोट गांव में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। सड़क निर्माण से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से गुस्साए तराकोट के ग्रामीणों ने सड़क पर पत्थर डालकर यातायात अवरुद्ध कर दिया।
जिला मुख्यालय से सटे तिलोथ क्षेत्र में कई दिनों से पेयजल किल्लत बनी हुई है। पानी नहीं आने पर लोग गंगा भागीरथी और हैंडपंपों पर लाइन लगाकर पानी ढोने को मजबूर हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। सभासद गोविंद गुसाईं का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र जलापूर्ति सुचारु नहीं हुई, तो लोग आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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उधर, चिन्यालीसौड़ प्रखंड के तराकोट गांव में बीते एक माह से पानी की समस्या बनी हुई है। गांव की प्रधान उर्मिला रांगड़ ने बताया कि पीएमजीएसवाई की ओर से धरासू-तराकोट-जिव्या मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस संबंध में शिकायत करने पर विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को खौल तोक में पत्थरों का ढेर बनाकर सड़क अवरुद्ध कर दी है। ग्रामीणों ने कहा कि पेयजल लाइन दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल होने और सड़क में कटी जमीन का प्रतिकर मिलने तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। इस मौके पर चंदन सिंह रांगड़, रुकम सिंह रावत, सुखवीर रावत, शांति लाल, विजय सिंह, जय सिंह, जयचंद सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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