उत्तरकाशी। हर छोटी बड़ी मांग के लिए सरकार का मुंह ताकने के बजाय यदि लोग स्वयं दृढ़निश्चय करें, तो मुश्किल काम भी आसान हो जाता है। ग्रामीणों ने महज साढ़े तीन लाख से छह माह के भीतर स्रोत से दो किमी लंबी पाइप लाइन और बीस हजार लीटर क्षमता के टैंक का निर्माण किया।
भटवाड़ी ब्लाक के जखोल गांव के लिए सरकार की ओर से दो पेयजल योजनाएं बनी है, लेकिन इसमें से एक योजना का पानी टेस्ट में फेल हो गया और दूसरी पर पर्याप्त नहीं है। अपनी रोजमर्रा की जरूरत के साथ ही मवेशियों के लिए महिलाओं को करीब दो किमी दूर से पानी ढोना पड़ता था। मां दुर्गा ग्राम कृषक समिति की अध्यक्ष कुसुमलता रमोला ने क्षेत्र में काम कर रही रिलायंस फाउंडेशन को प्रस्ताव दिया। फाउंडेशन ने निर्माण सामग्री मुहैया कराने पर सहमति जताई, तो ग्रामीण श्रमदान के लिए आगे आए। ग्रामीणों ने पेयजल स्रोत से करीब डेढ़ किमी पाइप लाइन बिछाने के साथ ही यहां बीस हजार लीटर क्षमता के टैंक का निर्माण किया। टैंक से आगे पाइप बिछाकर अब हर छानी तक 24 घंटे पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। समिति की अध्यक्ष कुसुमलता एवं कोषाध्यक्ष दिनेश ने बताया कि पेयजल योजना निर्माण के बाद अब इसकी देखरेख एवं संचालन की योजना बनाई गई है। पानी का उपयोग करने वाला प्रत्येक परिवार प्रतिमाह 30 रुपये समिति को देगा। साथ ही योजना निर्माण से पूर्व गांव के सभी 50 परिवारों से 200-200 रुपये समिति के खाते में जमा कराए गए हैं। जखोल गांव निवासी प्रेमदेई, जगदंबा देवी, विजयलक्ष्मी, सुरमा देवी, उर्मिला देवी, जसमिला देवी ने कहा कि पेयजल योजना निर्माण से पानी ढोने की समस्या से निजात मिल जाएगी।
जखोल की महिलाओं ने छानियों तक पानी पहुंचाने का प्रस्ताव दिया था। फाउंडेशन ने इसी शर्त पर निर्माण सामग्री उपलब्ध करायी कि ग्रामीण स्वयं श्रमदान करेंगे। फाउंडेशन ने इसी तरह का सफल प्रयास भटवाड़ी प्रखंड के जामक गांव में भी किया है।
कमलेश गुरुरानी, परियोजना प्रबंधक रिलायंस फाउंडेशन उत्तरकाशी।