पुरोला (उत्तरकाशी)। जखोल के ग्रामीणों के विरोध के बावजूद शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जखोल-सांकरी जल विद्युत परियोजना की जनसुनवाई पूरी कर ली गई। प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने अपनी शंकाएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। परियोजना प्रबंधकों ने प्रभावितों को समुचित मुआवजे के साथ ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराने और पर्यावरण सुरक्षा के लिए ठोस योजना तैयार करने का भरोसा दिलाया।
जनसुनवाई बैठक में धारा, सुनकुंडी, पांव तल्ला एवं पांव मल्ला के ग्रामीणों को ही शामिल होने दिया गया। जखोल के ग्रामीणों को जनसुनवाई स्थल से पहले ही रोके जाने पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और मोरी-नैटवाड़ मोटर मार्ग पर करीब पांच घंटे तक चक्काजाम रखा। बैठक में सतलुज जल विद्युत निगम के अपर महाप्रबंधक जेके महाजन ने बताया कि परियोजना के लिए धारा गांव के 93, सुनकुंडी के 35, पांव मल्ला के 17 और पांव तल्ला के 71 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। परियोजना में बांध नहीं बल्कि बैराज का निर्माण किया जाएगा। इसमें ग्रामीणों को मुआवजे के साथ ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। साथ ही परियोजना से पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे इसके लिए ठोस योजना तैयार की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को योग्यता अनुसार रोजगार, मुफ्त बिजली, विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल एवं बेहतर शिक्षा, सड़क, गांव-गांव तक बिजली की लाइन आदि सुविधाएं तथा भेड़पालन व्यवसाय पर पड़ने वाले प्रभाव की भरपाई की मांग भी की।
दबाव में जनसुनवाई का आरोप
पुरोला। परियोजना की जनसुनवाई बैठक भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बंद कमरे के भीतर कराए जाने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने रोष जताया। धारा गांव के केदार सिंह, प्रह्लाद सिंह, दुर्गेश लाल आदि ने प्रशासन पर ग्रामीणों के साथ धोखा कर पुलिस के दबाव में जबरन जनसुनवाई करने का आरोप लगाया। बता दें कि जनसुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन ने मोरी को छावनी में तब्दील कर दिया था।
माटू संस्था के नेतृत्व में बुलंद की विरोध की आवाज
पुरोला। परियोजना की जनसुनवाई को लेकर माटू संस्था के विमल भाई के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्रामीणों ने विरोध जताया। उनके नेतृत्व में ग्रामीणों ने जनसुनवाई के बाद मोरी बाजार में जुलूस प्रदर्शन करने के साथ ही मोरी-पुरोला मोटर मार्ग पर दो घंटे तक धरना दिया, जिससे डीएम भी यहां जाम में फंसे रहे और उन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाद में डीएम डा.आशीष चौहान द्वारा प्रभावित ग्रामीणों को परियोजना की सामाजिक समाघात रिपोर्ट हिंदी में उपलब्ध कराने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।
इस तरह बननी है जखोल-सांकरी परियोजना
पुरोला। सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा मोरी ब्लाक की घुयांघाटी के पास 44 मेगावाट की जखोल-सांकरी जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में सुनकुंडी, पांव तल्ला, पांव मल्ला एवं धारा गांव के ग्रामीणों की 12.32 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हो रही है। परियोजना में धारा सुनकुंडी में 10 मीटर ऊंचा और 33 मीटर लंबा बैराज बनाया जाना है, जबकि धारा से पांव मल्ला तक 6.6 किमी लंबी हेड रेस टनल बनाकर पांव मल्ला के पास पावर हाउस का निर्माण कराया जाना है। इसके अलावा सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा इसी क्षेत्र में 60 मेगावाट की नैटवाड़-मोरी जल विद्युत परियोजना का निर्माण भी किया जा रहा है।
कोट..........
उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सांकरी-जखोल जल विद्युत परियोजना पर जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में सभी पक्षों को सुना गया। इसकी विस्तृत रिपोर्ट वीडियोग्राफी सहित शीघ्र भारत सरकार को भेजी जाएगी।
-डा.आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।