उत्तरकाशी। बर्फ से ढके गंगोत्री धाम में आजकल बम बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। आगामी चार मार्च को महाशिवरात्रि पर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए गंगा जल लेने कई कांवड़ यात्री गंगोत्री धाम तक पहुंच रहे हैं। इन कांवड़ यात्रियों को सुक्की से गंगोत्री तक करीब पचास किमी दूर बर्फ से ढके रास्तों से तय करनी पड़ रही है।
इस बार सर्दियों में गंगोत्री क्षेत्र में जमकर हिमपात हो रहा है। इन दिनों गंगोत्री धाम में तीन से चार फिट बर्फ की चादर बिछी हुई है। बीच में कुछ दिनों मौसम खुला रहने पर बीआरओ ने गंगोत्री हाईवे से बर्फ हटाकर गंगोत्री धाम तक यातायात सुचारू कर दिया था। लेकिन अब फिर बर्फबारी का सिलसिला शुरू होने के कारण गंगोत्री हाईवे झाला से आगे अवरुद्ध है। गंगोत्री धाम में मंदिर एवं धर्मशालाओं के चौकीदार, कुछ वन कर्मी तथा साधु-संतों समेत करीब दो दर्जन लोग मौजूद हैं। इस बीच आगामी चार मार्च को महाशिवरात्रि पर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए गंगा जल लेने कांवड़ यात्री भी गंगोत्री धाम पहुंच रहे हैं।
बीते 14 फरवरी को बसंत कुंज दिल्ली से गंगोत्री पहुंचे कांवड़ यात्री राकेश मलिक ने बताया कि सुक्की से आगे गंगोत्री हाईवे पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ है। जाते समय उन्हें गंगोत्री तक सड़क खुली मिली, लेकिन लौटते समय बर्फबारी होने से गाड़ी को वापस लाने में उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान गंगोत्री की ओर आवाजाही कर रहे कांवड़ यात्री एवं जगह-जगह तैनात बीआरओ के जवानों ने काफी मदद की। उन्होंने बताया कि रास्ते बर्फ से ढके होने के बावजूद ललित मलिक, राकेश मलिक, प्रदीप मलिक आदि कांवड़ यात्री नंगे पैर पैदल यात्रा कर लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे 4 मार्च को मसूदपुर दिल्ली स्थित शिवालय में जलाभिषेक करेंगे। उनके अलावा राजपुर दिल्ली से भी आठ कांवड़ यात्री गंगोत्री से गंगा जल भरकर निकले हैं। ठंड में नंगे पैर बर्फ में चलने में दिक्कत के सवाल पर इन कांवड़ यात्रियों का कहना है कि मां गंगा और भोले के आशीर्वाद के चलते उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है।