फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देव डोलियों की स्तुति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुई कुंड की जातर

विज्ञापन
mela - फोटो : amarujala
विज्ञापन

विज्ञापन
बड़कोट (उत्तरकाशी)। देव डोलियों की स्तुति व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ तीन दिवसीय कुंड की जातर (वसंत मेला) का शुभारंभ हुआ। मेले में कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।
बुधवार को आराध्य बाबा बौखनाग व जमदग्नि ऋषि की डोली की मौजूदगी में पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा ने कुंड की जातर का शुभारंभ किया। मेले के शुभारंभ पर केंद्रीय गृह मंत्री को आमंत्रित किया गया था। उनके नहीं पहुंचने पर उनके प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व मंत्री राणा ने मेले का शुभारंभ किया। जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा ने मुख्य अतिथि के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर यमुनोत्री को पृथक जिला बनाने, हाईवे के हर्बटपुर से बड़कोट दोबाटा तक के हिस्से को ऑल वेदर रोड में शामिल करने, यमुनोत्री धाम का पुनर्निर्माण कराने की मांग की। मेले में कृषि एवं पंचायतीराज विभाग की ओर से गोष्ठी आयोजित की। विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बसराली के जयदेव सिंह राणा एवं नौगांव प्रखंड के कलाकारों ने समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इस मौके पर नौगांव की ब्लाक प्रमुख रचना बहुगुणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सकल चंद रावत, अनिल कुमार, हर्ष अग्निहोत्री, महावीर बिष्ट, कृष्णा राणा, जयवीर जयाड़ा, एएमए कबूल चंद, एसओ दिगपाल कोहली आदि मौजूद रहे। वहीं मेले में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टाल लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्नान कर अर्जित किया पुण्य
यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर बड़कोट से आठ किमी दूर गंगनाणी स्थित कुंड से गंगा भागीरथी की जलधारा निकलने की मान्यता है। कुंड से निकलने वाली गंगा की धारा यहां कुछ ही दूरी पर यमुना नदी से संगम करती है, जिससे क्षेत्र में इसे गंगा- यमुना का प्रथम संगम माना जाता है। इसी के चलते यहां हर साल माघ शुक्ल अष्टमी के दिन भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसे कुंड की जातर के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें