बड़कोट (उत्तरकाशी)। ऑल वेदर रोड के तहत यमुनोत्री हाईवे पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क कटान का मलबा निर्धारित डंपिंग जोन में डालने के बजाय धड़ल्ले से यमुना नदी में उड़ेला जा रहा है, जिससे यमुना नदी प्रदूषित होने के साथ ही तटवर्ती हिस्से में कटाव का खतरा बढ़ गया है।
आजकल ऑल वेदर रोड के तहत यमुनोत्री हाईवे पर खरादी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी द्वारा इस हिस्से में सड़क कटान का मलबा निर्धारित डंपिंग जोन के बजाय छटांगा धार के पास सीधे यमुना नदी में उड़ेला जा रहा है। इससे यमुना नदी प्रदूषित होने के साथ ही यहां वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है और ऊर्जा निगम की बिजली की लाइन भी खतरे की जद में आ गई है। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी सड़क चौड़ीकरण आदि का मलबा इसी तरह यमुना नदी के किनारे उड़ेला गया था। वर्ष 2012 व 2013 में यमुना नदी में आई बाढ़ के दौरान इसी मलबे के कारण नदी का प्रवाह बदलने से तटवर्ती हिस्सों में भारी तबाही मची थी। इसके बावजूद निर्माण एजेंसियां सबक लेने को राजी नहीं।
सड़क चौड़ीकरण में लगे ठेकेदार को छटांगा में डंपिंग जोन चिह्नित कर दिया गया है। वहां सुरक्षात्मक कार्य कराकर मलबा डंप करने के निर्देश हैं। यदि सड़क का मलबा यमुना नदी में डाला जा रहा है, तो यह गलत है। इसकी पड़ताल कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-नवनीत पांडे, ईई राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट।